नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने परीक्षा में नकल कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया और 32 छात्रों को हिरासत में लिया है।
एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि द्वारका में ‘हैप्पी होम्स’ नामक भवन में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर, पुलिस दल ने छापा मारा और वहां कई लोगों को पाया।
पूछताछ के दौरान, पटना निवासी हर्षवर्धन (28) ने मुंबई के एक प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान की प्रवेश परीक्षाओं में बैठने के लिए उम्मीदवारों की व्यवस्था करने वाला गिरोह चलाने की बात कथित तौर पर कबूल की।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “परीक्षा राजस्थान के जयपुर स्थित एक आईटी लैब में आयोजित की जानी थी और वह सॉफ्टवेयर का उपयोग करके लैब के कंप्यूटर सिस्टम तक दूरस्थ पहुंच प्राप्त करता। उसने खुलासा किया कि उसके पास उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र थे और वह अपने साथियों के साथ मिलकर परीक्षा प्रक्रिया में दूरस्थ पहुंच का इस्तेमाल करने वाला था।”
पुलिस के अनुसार, प्रांजल नामक एक सहयोगी ऑनलाइन मंच पर शैक्षणिक प्रश्नों के उत्तर देने के बहाने कॉलेज के छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने वाले के तौर पर भर्ती करता था।
इन छात्रों को कथित तौर पर प्रति प्रश्न 500 रुपये से 1000 रुपये के बीच भुगतान किया गया था।
अधिकारी ने बताया, “दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, डीटीयू, आईआईटी और एनआईटी सहित विभिन्न कॉलेजों के 32 छात्र परिसर में पाए गए और पूछताछ के बाद उन्हें पांबद किया गया।”
उन्होंने बताया कि पाबंद किए गए छात्र जब भी बुलाए जाएंगे, उन्हें जांच में शामिल होना होगा।
प्रथम दृष्टया, जांच से एक सुनियोजित नेटवर्क का खुलासा हुआ है जिसमें फर्जी उम्मीदवार बैठाने, परीक्षा प्रणालियों तक दूरस्थ पहुंच और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए उत्तरों की आउटसोर्सिंग शामिल है।
अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और गिरोह के अन्य सदस्यों और लाभार्थियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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नोमान माधव
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