नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों को कथित रूप से ‘म्यूल’ (कमीशन आधारित) खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक बैंक अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उत्तर दिल्ली पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजा बांठिया ने बताया कि गिरोह ने विभिन्न फर्जी कंपनियों व व्यक्तियों के नाम पर कथित रूप से खाते खोले और उन्हें कमीशन पर साइबर जालसाज़ों को दे दिया।
उनके मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से पीएचडी कर रहे एक छात्र ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि शेयर बाजार में पैसा निवेश करने पर मोटा मुनाफा देने के नाम पर उसके साथ 1.66 लाख रुपये की ठगी की गई।
उन्होंने बताया कि इसके बाद एक टीम ने पता लगाया कि पीड़ित से ठगे गए पैसे का एक हिस्सा कपड़ा कंपनी के नाम पर खुले खाते में गया है। टीम 100 मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी जांच से बुद्ध विहार और रोहिणी के परिसरों तक पहुंची।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दो जून को 22 वर्षीय चिराग और 48 वर्षीय अमर को गिरफ्तार कर लिया जबकि गिरोह के सरगना नितेश कुमार को आठ जुलाई को मोती नगर से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने कहा कि कुमार एक निजी बैंक में ग्राहक सेवा अधिकारी है और उसने जाली दस्तावेजों का उपयोग कर खाते खोलने के लिए बैंकिंग प्रक्रियाओं का दुरुपयोग किया।
इन खातों को कमीशन के आधार पर साइबर जालसाज़ों को दिया गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर किराये पर जगह लेकर कार्यालय बनाए, फर्जी व्यावसायिक दस्तावेज तैयार किए और मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खोलने की अनुमति ली।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, दो पासबुक, छह चेक बुक, सात डेबिट कार्ड, एक कार्ड-स्वाइप मशीन और कई दस्तावेज जब्त किए हैं।
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नोमान अविनाश
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