दार्जिलिंग में 280 जल जीवन मिशन परियोजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, जीजेएम ने की जांच की मांग

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दार्जिलिंग में 280 जल जीवन मिशन परियोजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, जीजेएम ने की जांच की मांग

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  • Publish Date - September 22, 2026 / 08:39 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 08:39 PM IST

सिलीगुड़ी, 22 सितंबर (भाषा) गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) द्वारा शुरू की गई लगभग 280 जल जीवन मिशन परियोजनाओं में कथित वित्तीय, तकनीकी और प्रशासनिक अनियमितताओं की विस्तृत जांच की मांग की है।

जल जीवन मिशन (जेजेएम) केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसे अगस्त 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।

जीजेएम के अध्यक्ष बिमल गुरुंग, सचिव रोशन गिरि और दार्जिलिंग के विधायक नोमेन राय द्वारा हस्ताक्षरित शिकायत पत्र में एक स्वतंत्र छह सदस्यीय सर्वेक्षण दल के निष्कर्षों का हवाला दिया गया, जिसने हाल में कुछ परियोजना स्थलों का दौरा किया था और व्यापक भ्रष्टाचार का संकेत देते हुए कई चिंताएं जताई थीं।

इसमें दावा किया गया कि जिन गांवों का निरीक्षण किया गया, वहां घरों के नलों से पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही थी और कई बने हुए जलाशय बिना पानी के पड़े थे।

पत्र में कहा गया कि सर्वेक्षण करने वाली टीम ऐसे लाभार्थियों से मिली जिन्होंने कार्यों की गुणवत्ता और उनके क्रियान्वयन पर असंतोष जताया।

इसमें कहा गया, ‘सबसे गंभीर बात यह है कि सर्वेक्षण दल ने चिंता जताई है कि परियोजना के नियोजन और सर्वेक्षण चरण के दौरान पेयजल के बारहमासी स्रोत की पहचान और उसके सत्यापन का कार्य ठीक से नहीं किया गया जबकि स्रोत की स्थिरता जेजेएम योजना का एक बुनियादी घटक है।’

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव

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