नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) गोवा सरकार ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल को सुनाई गई सजा को बढ़ाने का अनुरोध करते हुए मंगलवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
छह अगस्त को बंबई उच्च न्यायालय ने तेजपाल को बलात्कार का दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें पांच साल पहले ‘तहलका’ पत्रिका के पूर्व संपादक को बरी कर दिया गया था।
गोवा सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा तेजपाल द्वारा किए गए अपराधों की प्रकृति और गंभीरता के अनुपात में ‘‘बेहद कम’’ है।
याचिका में कहा गया, ‘‘मौजूदा मामले में उम्रकैद या ऐसी बढ़ी हुई सजा दिए जाने की जरूरत है, जिसे यह अदालत उचित समझे। साथ ही, सजा को एक साथ काटने का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए था।’’
उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में निचली अदालत के 2021 के आदेश को ‘‘त्रुटिपूर्ण’’ करार दिया था। अदालत ने कहा था कि निचली अदालत इस धारणा से प्रभावित हो गई कि यौन उत्पीड़न की शिकायतकर्ता को ‘‘आदर्श पीड़िता’’ होना चाहिए और विश्वसनीय दिखने के लिए उसे एक खास तरीके से व्यवहार करना चाहिए।
तेजपाल (62) को 2013 में गोवा में पत्रिका द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में अपनी कनिष्ठ सहकर्मी से बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया था। पत्रकार ने खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताया था और कहा था कि वह अपनी दोषसिद्धि को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश