पणजी, 26 अगस्त (भाषा) गोवा पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के राज्य के दौरे के दौरान प्रदर्शन करने के मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, लेकिन विपक्षी दल ने दावा किया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कड़ी धाराओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
भाजयुमो की गोवा इकाई के अध्यक्ष तुषार केलकर के नेतृत्व में सदस्यों ने 17 अगस्त को गोवा के अपने दौरे के दौरान खरगे को काले झंडे दिखाये थे। यह प्रदर्शन वंदे मातरम् का कथित रूप से अपमान किये जाने के विरोध में किया गया था।
कांग्रेस के स्थानीय नेता अर्चित नाइक ने अगले दिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद डाबोलिम हवाई अड्डा पुलिस ने 22 अगस्त को केलकर और अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 189(2) और 189(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
कांग्रेस प्रवक्ता अमित पालेकर ने बुधवार को कहा कि यह प्राथमिकी महज ‘‘दिखावा’’ है, क्योंकि पुलिस ने कड़ी धाराएं नहीं लगाई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘दंगा करने, गैरकानूनी तरीके से रास्ता रोकने, ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा वाले काफिले पर हमला करने, सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करने, झंडे के डंडों से हमला करने तथा गाली-गलौज और धमकी भरे आचरण से संबंधित प्रावधान कहां हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजयुमो प्रदर्शनकारियों की कार्रवाई ‘‘मामूली’’ नहीं थीं, क्योंकि उन्होंने खरगे के काफिले का रास्ता रोका था और सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था।
भाषा देवेंद्र मनीषा
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