बेंगलुरु, 26 अगस्त (भाषा) बेंगलुरु की एक अदालत ने अभिनेता यश अभिनीत फिल्म ‘टॉक्सिक’ के खिलाफ किसी भी झूठी या मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन या प्रसार पर एकतरफा अस्थायी रोक लगा दी है। फिल्म बुधवार को रिलीज हुई।
अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सत्र अदालत ने फिल्म की निर्माता कंपनी केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी द्वारा विभिन्न पक्षों के खिलाफ दायर मुकदमे पर 22 अगस्त को यह अंतरिम आदेश पारित किया। मामले में एक्स कॉर्प समेत कई पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। इसमें ‘जॉन डो’ नाम से अज्ञात लोगों को भी पक्षकार बनाया गया है।
न्यायाधीश ने आदेश में कहा, ‘‘वादी द्वारा पेश किए गए सभी दस्तावेजों के अवलोकन से मुझे प्रथम दृष्टया मामला वादी के पक्ष में और सुविधा का संतुलन भी वादी के पक्ष में नजर आता है। यदि अस्थायी रोक नहीं दी गई तो मुकदमा दायर करने का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा और इससे कई मुकदमों की स्थिति पैदा हो सकती है…।’’
आदेश में कहा गया, ‘‘अतः प्रतिवादियों को फिल्म ‘टॉक्सिक’ के संबंध में किसी भी तरह की झूठी, दुर्भावनापूर्ण, मानहानिकारक या अपमानजनक खबर या सामग्री को किसी भी माध्यम से संप्रेषित, प्रकाशित या प्रसारित करने, साझा या पोस्ट करने या उस तक पहुंच उपलब्ध कराने से रोकने के लिए एकतरफा अस्थायी रोक लगायी जाती है। यह रोक फिल्म की रिलीज से पहले और बाद, दोनों अवधि के लिए होगी।’’
अदालत ने कहा कि अस्थायी रोक अगली सुनवाई की तारीख यानी 28 सितंबर तक ही प्रभावी रहेगी।
निर्माता ने दीवानी प्रक्रिया संहिता के आदेश 39 के नियम 1 और 2 के तहत आवेदन दायर कर अज्ञात व्यक्तियों समेत प्रतिवादियों के खिलाफ एकतरफा अस्थायी रोक की मांग की थी।
अदालत ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के ‘मीरा अजीत बनाम जॉन डो उर्फ अशोक कुमार’ मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया। उस मामले में कहा गया था कि यदि वादी के सामने वास्तविक खतरा हो और प्रथम दृष्टया मामला बनता हो तो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी रोक संबंधी आदेश जारी किया जा सकता है।
भाषा शोभना अविनाश
अविनाश