नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) भरतनाट्यम नृत्यांगना सोनल मानसिंह द्वारा स्थापित भारतीय शास्त्रीय नृत्य केंद्र (सीआईसीडी) बृहस्पतिवार को अपनी स्वर्ण जयंती मनाएगा। यह केन्द्र शास्त्रीय नृत्य, शिक्षण और सांस्कृतिक चिंतन के माध्यम से भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य में पांच दशकों के योगदान का प्रतीक है।
आयोजकों ने एक बयान में कहा कि 1977 में नयी दिल्ली में स्थापित सीआईसीडी, जिसे श्री कामाख्या कलापीठ के नाम से भी जाना जाता है, को केवल एक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में नहीं बल्कि साधना के एक ऐसे केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया था जहां नृत्य को योग, संस्कृत और संगीत के साथ एकीकृत किया जाए।
बयान में कहा गया कि यह नृत्य विद्यालय वर्षों में ‘‘ एक प्रमुख सांस्कृतिक संस्थान के रूप में उभरा है, जो नर्तकों की पीढ़ियों का पोषण करता रहा है और भारतीय दर्शन तथा प्रदर्शन परंपराओं के साथ गहन जुड़ाव को आकार देता रहा है।’’
स्वर्ण जयंती उद्घाटन से पहले मानसिंह ने कहा कि सीआईसीडी की कल्पना ‘‘कला के माध्यम से जीवन की एक यात्रा’’ के रूप में की गई थी, जो भारतीय मूल्यों अथवा संस्कारों में निहित है।
हौज़ खास स्थित इस परिसर में आयोजित समारोह में कला, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से शामिल होंगे।
भाषा शोभना रंजन
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