सरकार की प्राथमिकता 2033 तक सभी लोगों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने की : सीतारमण

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सरकार की प्राथमिकता 2033 तक सभी लोगों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने की : सीतारमण

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 06:48 PM IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि स्वास्थ्य बीमा इस सरकार की प्राथमिकता है और उम्मीद है कि 2033 तक देश में सभी लोग बीमा के दायरे में आ जाएंगे।

वित्त मंत्री ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि बीमा क्षेत्र का विस्तार हो रहा है और 2024-25 के दौरान इसने देश में 58 करोड़ लोगों को कवर किया।

उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य बीमा इस सरकार की प्राथमिकता है। वास्तव में, हम उम्मीद कर रहे हैं कि 2033 तक सभी को बीमा कवर मिल जाएगा।’’

मंत्री ने कहा कि दिसंबर 2025 में, सरकार ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ाने के लिए एक विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य बाजार को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि बीमा नियामक आईआरडीएआई ने ग्रामीण क्षेत्रों में पैठ बढ़ाने के लिए 2024 में नियम अधिसूचित किए।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘अगर सामान्य तौर पर बीमा की बात करें, तो हमारे सामने एक चुनौती है।’’

उन्होंने कहा कि हालांकि बीमा कवरेज अब भी कम है लेकिन सरकार लक्षित सुधारों और किफायती उपायों के माध्यम से इस अंतर को पाटने के लिए प्रयासरत है।

वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य बीमा बाजार का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आज यह क्षेत्र काफी विकसित हो चुका है और 2024-25 में 1,17,505 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें 58 करोड़ लोगों को बीमा कवरेज प्राप्त है। इसमें सार्वजनिक, निजी और स्वतंत्र बीमा कंपनियों का संतुलित योगदान है।’’

मंत्री ने कहा कि यदि बीमा कंपनियों द्वारा कोई भी कदाचार किया जाता है, तो नियामक उनके खिलाफ कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कानून का उल्लंघन करने वाली बीमा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और कई निजी बीमा कंपनियों पर 1-2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि 2023-24 में, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उन्होंने बताया कि इसी तरह, बजाज फाइनेंस लिमिटेड, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस सहित अन्य कंपनियों पर भी जुर्माना लगाया गया है।

भाषा अविनाश वैभव

वैभव