महिला आरक्षण के लिए नयी जनगणना से पलट कर सरकार ‘गोलपोस्ट’ बदल रही: शिअद सांसद

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महिला आरक्षण के लिए नयी जनगणना से पलट कर सरकार ‘गोलपोस्ट’ बदल रही: शिअद सांसद

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 03:47 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 03:47 PM IST

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण कानून को नयी जनगणना के आधार पर लागू करने के अपने पूर्व के वादे से पलट कर ‘‘गोलपोस्ट’’ बदल रही है।

हरसिमरत ने लोकसभा में उल्लेख किया कि सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था, लेकिन सरकार ने तीन साल तक जनगणना शुरू नहीं की, अब 2026 में नया संशोधन विधेयक लेकर आई है और कह रही कि जनगणना की जरूरत नहीं है।

उन्होंने महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया, ‘‘जबकि सरकार ने पहले (2023 में) कहा था कि नयी जनगणना के बाद इसे लागू किया जाएगा। आज वे ‘बुलडोज’ करके कह रहे हैं कि अब इसकी जरूरत नहीं है। तो ‘गोलपोस्ट’ कौन बदल रहा है। नीयत किसकी क्या है, यह देश देख रहा है।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में स्थानीय दलों के बड़े नेताओं के व्यस्त रहने के मद्देनजर यह विधेयक लाया गया है।

शिअद सांसद ने महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों पर सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एक दिन पहले दिये गए वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि मौखिक आश्वासन का कोई फायदा नहीं, जो (लोकसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि) लिखा है उसे विधेयक में शामिल करिये क्योंकि संविधान यह कहता है कि जब (नयी) जनगणना होगी उसके बाद ही परिसीमन होगा।

उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप लगाया, ‘‘आप अपने संख्या बल के आधार पर पहले की तरह हर कानून को ‘बुलडोज’ कर रहे हैं।’’

भाषा

सुभाष वैभव

वैभव