(Wipro Q4 Results 2026/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: Wipro Q4 Results 2026: विप्रो ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.3% बढ़कर 3,502 करोड़ रुपये पहुंच गया है। हालांकि, कंपनी का कुल प्रदर्शन मिला-जुला रहा क्योंकि राजस्व बाजार की उम्मीदों से थोड़ा कम रहा। इसके बावजूद, कंपनी ने स्थिर और बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने की कोशिश की।
31 मार्च को समाप्त तिमाही में विप्रो का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 24,236 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 2.9% अधिक है। सालाना आधार पर भी कंपनी की बिक्री में 7.69% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पूरे वित्त वर्ष में विप्रो का कुल राजस्व 926.2 बिलियन रुपये तक पहुंच गया जो पिछले साल की तुलना में 4% अधिक है।
IT सर्विसेज सेगमेंट का राजस्व थोड़ा कमजोर रहा और इसमें हल्की गिरावट देखी गई। हालांकि कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को बेहतर बनाए रखा है, जो बढ़कर 17.2% हो गया है। यह दिखाता है कि कंपनी ने लागत नियंत्रण और प्रॉफिटेबिलिटी पर ध्यान बनाए रखा, भले ही बाजार में चुनौतियां बनी हुई हों।
विप्रो के बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 15,000 करोड़ रुपये तक के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है। इस बायबैक में करीब 60 करोड़ इक्विटी शेयर शामिल होंगे। जो कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 5.7% है। यह बायबैक 250 रुपये प्रति शेयर के टेंडर ऑफर के माध्यम से किया जाएगा। जिससे निवेशकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
| विवरण | मूल्य |
| वर्तमान मूल्य | ₹ 204.30 |
| आज का बदलाव | −₹5.96 (−2.83%) |
| समय | 17 अप्रैल, 3:30 PM IST |
| इंट्राडे क्लोज | ₹204.30 (15:30) |
| ओपन | ₹ 205.00 |
| हाई | ₹ 206.45 |
| लो | ₹ 202.50 |
| मार्केट कैप | ₹2.14 LCr |
| P/E रेशियो | 16.17 |
| 52-सप्ताह हाई | ₹ 273.10 |
| 52-सप्ताह लो | ₹ 186.50 |
| डिविडेंड यील्ड | 6.12% |
| तिमाही डिविडेंड | ₹ 3.13 |
कंपनी ने आने वाली तिमाही के लिए सतर्क रुख अपनाया है। IT सेवाओं से आने वाला राजस्व थोड़ा सीमित रह सकता है। जिसका अनुमान 2,597 मिलियन डॉलर से 2,651 मिलियन डॉलर के बीच लगाया गया है। कंपनी के CEO ने कहा कि AI तकनीक से नए अवसर बन रहे हैं और विप्रो ‘AI-फर्स्ट’ रणनीति पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिससे भविष्य में विकास की संभावनाएं मजबूत होंगी।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।