महिला आरक्षण पर सरकार का ‘एफएक्यू’ तथ्यों का दुरुपयोग कर नुकसान की भरपाई की कोशिश : कांग्रेस

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महिला आरक्षण पर सरकार का ‘एफएक्यू’ तथ्यों का दुरुपयोग कर नुकसान की भरपाई की कोशिश : कांग्रेस

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  • Publish Date - April 19, 2026 / 08:38 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 08:38 PM IST

नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने सरकार द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) की एक शृंखला जारी करने को लेकन रविवार को कटाक्ष किया और इसे ‘तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी’ वाला और लोकसभा में अपनी ‘‘शर्मनाक हार’ के बाद ‘‘नुकसान से बचने’’ की कोशिश करार दिया।

लोकसभा की मुख्य विपक्षी दल की यह टिप्पणी सरकार द्वारा लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को पारित कराने की कोशिश नाकाम होने के बाद आई। इस विधेयक में 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा की सीट की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रावधान था।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘लोकसभा में 17 अप्रैल की रात मिली शर्मनाक हार के बाद मोदी सरकार नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रही है। उसने विधेयक पेश करने से पहले नहीं, बल्कि लोकसभा में पारित न होने के बाद कुछ सामान्य प्रश्न और उनके उत्तर जारी किए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न सरकार के तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक दावों की तरह लगते हैं। यें परिसीमन के बारे में उन वास्तविक प्रश्नों पर मौन हैं जो बहस के दौरान पूरे विपक्ष द्वारा पूछे गए थे।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि वास्तव में, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) में सबसे ‘‘तथ्यात्मक रूप से गलत’’ और ‘‘यह फर्जी दावा है कि आरक्षण लागू करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन आवश्यक है’’।

विपक्ष द्वारा सरकार पर महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की कोशिश करने के दावे के बीच, ये अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न सामने आए हैं।

भाषा धीरज रंजन

रंजन