नोएडा, 26 सितंबर (भाषा) यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत के मामले में बस संचालित करने वाली परिवहन कंपनी के प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या चार हो गई है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार प्रबंधक की पहचान विकास के रूप में हुई है और उसे शुक्रवार को दिल्ली के कश्मीरी गेट से पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
पुलिस के मुताबिक, विरास को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले गिरफ्तार किए गए तीन अन्य आरोपी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि बस के चालकों और परिचालकों ने वाहन में आ रही समस्याओं की जानकारी प्रबंधक के माध्यम से परिवहन कंपनी को दी थी, इनमें गियरबॉक्स से जुड़ी समस्या भी शामिल थी। अधिकारी ने बताया कि आरोप है कि शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और इसके कुछ दिन बाद यह हादसा हो गया।
पुलिस ने बताया कि परिवहन विभाग की सहायता से भी मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही बस में बुधवार रात करीब 11.20 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लग गई थी।
इस हादसे में बस में सवार 35 यात्रियों में से नौ लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने इससे पहले बस के दो चालकों पवन व योगेश दीक्षित तथा परिचालक रोहित को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बताया कि ये सभी कानपुर देहात के रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक, आग लगने के बाद ये तीनों लोग बस को छोड़कर मौके से फरार हो गए थे।
गौतम बुद्ध नगर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के सार्वजनिक परिवहन अधिकारी राजेश मोहन ने बताया था कि इस वाहन पर 19 चालान के जरिए 1.75 लाख रुपये का जुर्माना बकाया था।
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