बेंगलुरु, एक जुलाई (भाषा) कर्नाटक के ऊर्जा विभाग ने बुधवार को ‘गृह ज्योति’ योजना के लाभार्थियों के घर जाकर सत्यापन करने की प्रक्रिया शुरू की।
वहीं, मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आर.अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार इस प्रक्रिया का इस्तेमाल पैन कार्ड और जाति प्रमाण पत्र मांगकर आय और जाति के आधार पर पात्रता तय करने के लिए कर रही है।
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने दावा किया कि ‘लूट की सरकार’ अपनी गारंटी योजनाओं को जारी रखने के लिए धन की कमी का सामना कर रही है और इस नीति में बदलाव कर लाखों गरीब और मध्यम-वर्गीय लोगों को ‘गृह ज्योति’ योजना के लाभ से वंचित करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है।
कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद पांच ‘गारंटी’ योजनाएं शुरू कीं, जिनमें सभी घरों को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना ‘गृह ज्योति’ भी शामिल है।
इस योजना की शुरुआत जुलाई 2023 में शुरू की गई थी और इस समय लाभार्थियों का सत्यापन करने की प्रक्रिया चल रही है।
सरकार ने मंगलवार को कहा कि बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधि रिकॉर्ड की जांच करने और लाभार्थियों की जानकारी एकत्र करने के लिए उपभोक्ताओं के घर जाएंगे।
सरकार के मुताबिक सत्यापन प्रक्रिया को मोबाइल एप्लीकेशन और स्वघोषणा फार्म के जरिये मौके पर ही पूरा किया जाएगा।
ऊर्जा विभाग ने सभी लाभार्थियों से अनुरोध किया है कि वे सत्यापन करने वाले कर्मियों को दिखाने के लिए आधार कार्ड (सिर्फ जांच के लिए), पासपोर्ट आकार की तस्वीर, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, किरायेदार करार पत्र (जहां लागू हो), राशन कार्ड और जाति प्रमाण पत्र जैसे प्रमाण पत्र तैयार रखें।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हाल ही में कहा कि सरकार को इस योजना के दुरुपयोग की रिपोर्ट मिली हैं।
अशोका ने पूछा, ‘‘गृह ज्योति सत्यापन के लिए मतदाता पहचान पत्र पर्याप्त है। पैन कार्ड की क्या जरूरत है? जाति प्रमाण-पत्र की क्या जरूरत है?’’
नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘चुनाव से पहले कांग्रेस ने दावा किया था कि गारंटी योजना का लाभ सभी को मिलेगा, लेकिन अब वह कर्नाटक की जनता के साथ धोखा करने की कोशिश कर रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी खजाने के पूरी तरह खाली होने की बात छिपाने के लिए, सरकार ने अब ‘गृह ज्योति’ योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या कम करने के मकसद से घर-घर जाकर सत्यापन करने की नयी योजना बनाई है।’’
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री शिवकुमार से सवाल किया, ‘‘ चुनाव से पहले, सत्ता में आने की जल्दबाजी में आपने बिना किसी शर्त के सभी को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। अब आप आय और जाति के आधार पर पात्रता क्यों तय करने की कोशिश कर रहे हैं? यह कैसी ‘गारंटी’ है?’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मुफ्त बिजली देने के लिए जाति प्रमाण-पत्र की क्या जरूरत है? यह पता लगाने के लिये कि गृह ज्योति योजना का लाभ लेने वाले राज्य के निवासी हैं या मतदाता हैं उसके लिए मतदाता पहचान पत्र ही पर्याप्त होना चाहिए। तो फिर, उनकी जाति और आय के बारे में जानकारी क्यों मांगी जा रही है?’’
अशोक ने सवाल किया, ‘‘पैन कार्ड और जाति प्रमाण पत्र मांगकर आप किसे इस योजना से बाहर करने की तैयारी कर रहे हैं?’’
उन्होंने कहा कि भाजपा इस ‘जन-विरोधी सरकार’ को नागरिकों को उन फायदों से वंचित नहीं करने देगी जिनके वे हकदार हैं।
भाषा
धीरज शफीक
शफीक