सूरत में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तैयार करें अधिकारी: गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल

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सूरत में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तैयार करें अधिकारी: गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 07:53 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 07:53 PM IST

सूरत, नौ जुलाई (भाषा) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बृहस्पतिवार को सूरत का दौरा किया और अधिकारियों को क्रीक (संकरी खाड़ियों) के कारण शहर में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए।

क्रीक नेटवर्क आपस में जुड़े हुए संकरे प्राकृतिक जलमार्ग या नाले होते हैं, जो अक्सर खारे दलदली क्षेत्रों और तटीय आर्द्रभूमियों में पाए जाते हैं। ये ज्वार-भाटे के कारण पानी से भरते और खाली होते रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने इस सप्ताह की शुरुआत में रिकॉर्ड बारिश के बाद शहर की स्थिति की समीक्षा करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और नवसारी सांसद सीआर पाटिल के साथ मुख्यमंत्री पटेल ने सूरत नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में हालात की समीक्षा की। यह बैठक उस घटना के दो दिन बाद हुई, जब शहर में 24 घंटे के भीतर 358 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ था। बैठक में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री का दौरा सूरत जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत और भारी बारिश के बीच निचले इलाकों से करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने के बाद हुआ।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री संघवी ने कहा, ‘‘सात जुलाई को सूरत में कई वर्षों की सबसे अधिक बारिश कम समय में दर्ज की गई। ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण शहर में बड़े पैमाने पर जलभराव हुआ।’’

उन्होंने बताया कि कई रिहायशी इलाकों और दुकानों में पानी घुस गया था। सूरत नगर निगम, पुलिस, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल ने नागरिकों और स्वयंसेवी संगठनों की मदद से राहत और बचाव अभियान चलाया।

संघवी ने कहा कि मुख्यमंत्री पटेल ने शहर के क्रीक के कारण बार-बार आने वाली बाढ़ पर गंभीर नाराजगी जताई और नगर निगम को तत्काल स्थायी समाधान तैयार कर उसे लागू करने का निर्देश दिया।

उन्होंने मुख्यमंत्री के हवाले से कहा, ‘‘अगर यह समस्या दोबारा सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’

संघवी ने बताया कि सरकार ने बाढ़ के लिए जिम्मेदार संभावित प्रशासनिक खामियों की जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि हाल में बनाई गई सड़कों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की भी अलग से जांच की जाएगी। यदि निर्माण कार्य में खराब गुणवत्ता पाई गई तो आपराधिक मामले दर्ज किए जा सकते हैं।

संघवी ने कहा, ‘‘क्रीक नेटवर्क के कारण भविष्य में आने वाली बाढ़ को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने क्रीक के पुनर्विकास और उसकी गहराई बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को इसके आसपास हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।’’

उन्होंने बताया कि सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित परिवारों को शुक्रवार शाम तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मिलकर काम करें।

संघवी ने कहा कि क्षतिग्रस्त मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा, इसके बाद राज्य सरकार मुआवजा पैकेज की घोषणा करेगी। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और नगर निकाय अधिकारियों को शहर में सफाई अभियान जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं।

संघवी ने बताया कि मुख्यमंत्री पटेल ने सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए दिन-रात काम कर रहे सफाई कर्मचारियों की सराहना की।

उन्होंने बाढ़ के दौरान एक-दूसरे की मदद करने के लिए सूरत के लोगों की भी प्रशंसा की और कहा कि प्रभावित इलाकों में लोगों के सहयोग ने सरकारी एजेंसियों के राहत कार्यों को और मजबूत किया।

भाषा शोभना सुरेश

सुरेश