गुजरात: समान नागरिक संहिता संबंधी समिति ने मसौदा रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी

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गुजरात: समान नागरिक संहिता संबंधी समिति ने मसौदा रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 07:11 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 07:11 PM IST

गांधीनगर, 17 मार्च (भाषा) गुजरात में समान नागरिक सहिंता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति ने मंगलवार को अपनी विस्तृत व अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल को सौंप दी।

राज्य सरकार फिलहाल चल रहे बजट सत्र के दौरान विधानसभा में यूसीसी का मसौदा विधेयक प्रस्तुत कर सकती है।

उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपते समय एक प्रस्तुति दी।

सरकार ने फरवरी पिछले साल यह समिति गठित की थी, जिसका उद्देश्य राज्य में यूसीसी के लागू करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गौर करना और इसके लिए मसौदा विधेयक तैयार करना था।

प्रस्तुति के दौरान, समिति की अध्यक्ष ने कहा कि रिपोर्ट में विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक सामान्य कानूनी तंत्र बनाने का सुझाव दिया गया है।

एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि विशेष रूप से महिलाओं के समान अधिकारों और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

समिति के अन्य सदस्य में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सी. एल. मीणा, वरिष्ठ वकील आर. सी. कोडकर, वीर नर्मद साउथ गुजरात विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. दक्षेश ठाकुर और समाजसेवी गीता श्रॉफ शामिल हैं।

सूत्रों ने कहा कि राज्य सरकार 25 मार्च को बजट सत्र के अंतिम दिन यूसीसी का मसौदा विधेयक विधानसभा में पेश कर सकती है।

समिति के गठन के समय, मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार देशभर में यूसीसी लागू करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री पटेल ने यह भी कहा था कि पांच सदस्यीय समिति यूसीसी से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गौर करके अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के दृष्टिकोण को ध्यान में रखेगी।

आधिकारिक तौर पर समिति से उम्मीद की गई थी कि वह 45 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, लेकिन बाद में समिति को समय-समय पर मोहलत दी गई।

पिछले साल अगस्त में, राज्य सरकार ने कहा था कि समिति ने इस प्रस्तावित विधेयक पर मुस्लिम संगठनों के दृष्टिकोण को समझने के लिए 38 मुस्लिम संगठनों के साथ बैठकें की थीं।

समिति के सदस्यों ने गुजरात के सभी जिलों की यात्रा की और राजनीतिक व धार्मिक नेताओं से प्रतिक्रिया ली। इसके अलावा, इस उद्देश्य के लिए एक वेबसाइट भी बनाई गई थी, जहां लोगों ने यूसीसी पर अपनी राय व्यक्त की थी। समिति को लगभग 19 लाख सुझाव प्राप्त हुए थे।

सरकार के आश्वासन के बावजूद, मुस्लिम समुदाय ने प्रस्तावित यूसीसी के खिलाफ आपत्ति दर्ज की थी, और अप्रैल 2025 में अहमदाबाद और वडोदरा में मानव श्रृंखलाएं बनाई थीं।

पिछले साल दिसंबर में, गुजरात उच्च न्यायालय ने समिति गठित करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी।

सूरत के निवासी याचिकाकर्ता अब्दुल वहाब सोपरिवाला की याचिका को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि वह इस मामले में दखल नहीं दे सकती।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश