गुजरात सरकार ने भूमि मामले में ‘लापरवाही’ पर आईएएस अधिकारी को निलंबित किया

Ads

गुजरात सरकार ने भूमि मामले में ‘लापरवाही’ पर आईएएस अधिकारी को निलंबित किया

  •  
  • Publish Date - June 10, 2024 / 09:07 PM IST,
    Updated On - June 11, 2024 / 12:43 AM IST

सूरत, 10 जून (भाषा) गुजरात सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी आयुष ओक को सूरत जिले के तत्कालीन कलेक्टर के रूप में वर्ष 2021 से 2024 के दौरान राजस्व भूमि मामले से निपटने में ‘लापरवाही’ बरतने के आरोप में सोमवार को निलंबित कर दिया।

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने एक आदेश में कहा कि ओक, जो अब वलसाड जिला के कलेक्टर के रूप में तैनात हैं, ने भूमि मामले से निपटने के दौरान कथित तौर पर सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

इसमें कहा गया है कि तत्काल प्रभाव से निलंबित वरिष्ठ नौकरशाह ने तत्कालीन सूरत जिला कलेक्टर के रूप में कथित तौर पर उक्त लापरवाही की थी।

आदेश के अनुसार, स्थानीय अतिरिक्त कलेक्टर एआर झा अगले आदेश तक वलसाड कलेक्टर का कार्यभार संभालेंगे।

ओक को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के प्रावधानों के तहत निलंबित कर दिया गया है और उन्हें अपना आधा वेतन प्राप्त करने का आदेश दिया गया है।

आदेश में कहा गया है कि निलंबन के दौरान आईएएस अधिकारी का मुख्यालय पाटन जिले में होगा और उन्हें हर महीने एक प्रमाण पत्र देना होगा कि वह किसी अन्य रोजगार, व्यवसाय या पेशे में संलग्न नहीं हैं।

आदेश में कहा गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान आयुष ओक सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (कार्मिक), जीएडी की पूर्व मंजूरी प्राप्त किए बिना मुख्यालय (जिला पाटन) नहीं छोड़ेंगे।

सरकार ने सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले भूमि मामले के बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया है।

भाषा संतोष शफीक

शफीक