नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी ‘हिंदुस्तान एयरॉनोटिक्स लिमिटेड’ (एचएएल) 18 सितंबर को बेंगलुरु में वायु सेना को एलसीए तेजस के ‘फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस’ (एफओसी) संबंधी दो-सीट वाला प्रशिक्षु और एचटीटी-40 बेसिक प्रशिक्षु विमान तथा पवन हंस को अगली पीढ़ी के ध्रुव हेलीकॉप्टर सौंपेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि विमान एवं हेलीकॉप्टर को सौंपा जाना देश की आत्मनिर्भरता की यात्रा में एक अहम पड़ाव है, क्योंकि यह कार्यक्रम घरेलू वैमानिकी पारितंत्र को मज़बूत करने में एचएएल और उसके औद्योगिक साझेदारों की भूमिका को उजागर करेगा।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ कर्नाटक के बेंगलुरु में 18 सितंबर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू की उपस्थिति में भारतीय वायु सेना को हल्के लड़ाकू विमान तेजस के ‘फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस’ संबंधी दो सीट वाले प्रशिक्षु और एचटीटी-40 मूलभूत प्रशिक्षु विमान सौंपेगी। वह पवन हंस लिमिटेड को अगली पीढ़ी के ध्रुव हेलीकॉप्टर भी सौंपेगी।’’
अधिकारियों ने कहा कि इससे सैन्य एवं असैन्य दोनों तरह के इस्तेमाल के लिए उन्नत विमान डिजायन करने, विकसित करने और निर्माण की उद्योग जगत की बढ़ती क्षमता का पता चलेगा।
इस मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा, एचएएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि के और रक्षा मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, वायुसेना,पीएचएल, विनायमक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी तथा वैमानिकी एवं रक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
भाषा
राजकुमार पवनेश
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