Haridwar Ardh Kumbh 2027 Date: हरिद्वार में अर्ध कुंभ 2027 की तारीखें घोषित.. तीन महीने चलने वाले मेले में होंगे कुल 10 स्नान.. यहाँ देखें सभी तिथियां
Haridwar Ardh Kumbh 2027 Date Announced: हरिद्वार अर्ध कुंभ 2027 तिथियां घोषित, 97 दिन मेले में 10 स्नान, तीन अमृत स्नान शामिल
Haridwar Ardh Kumbh 2027 Date Announced || Image- AI Generated File
- हरिद्वार अर्ध कुंभ 2027 में होंगे 10 प्रमुख स्नान तीन अमृत स्नान
- तिथियां घोषित, लाखों श्रद्धालु होंगे शामिल
- मकर संक्रांति से चैत्र पूर्णिमा तक चलेगा भव्य मेला
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले अर्ध कुंभ मेले की तिथियां घोषित कर दी गई है। (Haridwar Ardh Kumbh 2027 Date Announced) 97 दिनों तक चलने वाले इस विराट मेले में कुल 10 प्रमुख स्नान उत्सव होंगे। इनमें तीन ‘अमृत’ (शाही) स्नान शामिल हैं। मेला प्रशासन ने मंगलवार को यह घोषणा की।
पहला स्नान उत्सव 14 जनवरी को
अर्द्ध कुंभ स्नान की तिथियों की घोषणा करते हुए, मेला अधिकारी सोनिका सिंह ने बताया कि चार महीने तक चलने वाले इस मेले (जनवरी से अप्रैल 2027 तक) के दौरान पहला स्नान उत्सव 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को, दूसरा 6 फरवरी (मौनी अमावस्या) को, तीसरा 11 फरवरी (बसंत पंचमी) को, चौथा 20 फरवरी (माघ पूर्णिमा) को और पांचवां 6 मार्च (महाशिवरात्रि) को होगा।
सिंह ने आगे बताया कि अर्द्ध कुंभ का छठा स्नान उत्सव 8 मार्च (फाल्गुन अमावस्या) को होगा; सातवां 7 अप्रैल (नव संवत्सर) को; आठवां 14 अप्रैल (मेश संक्रांति) को; नौवां 15 अप्रैल को; और अंतिम स्नान उत्सव 20 अप्रैल (चैत्र पूर्णिमा) को होगा। (Haridwar Ardh Kumbh 2027 Date Announced) उन्होंने आगे बताया कि इन तिथियों में से 6 मार्च (महाशिवरात्रि), 8 मार्च (फाल्गुन अमावस्या) और 14 अप्रैल (मेश संक्रांति) को निर्धारित स्नानों को ‘अमृत स्नान’ (पवित्र स्नान) के रूप में नामित किया जाएगा।
STORY | Dates announced for bathing festivals during Ardh Kumbh Mela in Haridwar
The Ardh Kumbh Mela, scheduled to be held in Uttarakhand’s Haridwar in 2027, will feature a total of 10 major bathing festivals, including three ‘amrit’ (royal) baths, the mela administration… pic.twitter.com/oiox19aJXk
— Press Trust of India (@PTI_News) April 14, 2026
क्या है अर्धकुम्भ?
बता दें कि, अर्ध कुंभ मेला हर छह साल में हरिद्वार और प्रयागराज में आयोजित होता है , जो दो पूर्ण कुंभ मेलों के ठीक बीच में पड़ता है। अर्ध शब्द का अर्थ आधा होता है , लेकिन आध्यात्मिक रूप से इसका महत्व पूर्ण कुंभ मेले के समान ही है।
कैसे तय होती है तिथियां?
गौरतलब है कि, इनकी गणनाएँ हजारों वर्षों से संरक्षित सटीक सनातन खगोलीय सिद्धांतों का उपयोग करके की जाती हैं। ये गणनाएँ खगोलीय पिंडों, विशेष रूप से बृहस्पति और सूर्य की, विशिष्ट राशि चक्र स्थितियों के संबंध में गति पर आधारित हैं। (Haridwar Ardh Kumbh 2027 Date Announced) कहा जाता है कि, जब ये परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं, तब अर्ध कुंभ होता है। इस प्रक्रिया में मानवीय पसंद की कोई भूमिका नहीं है।
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