चंडीगढ़, 20 सितंबर (भाषा) हरियाणा में इस साल समय पर ‘एंटी-स्नेक वेनम’ (सर्पदंश के इलाज में उपयोग होने वाला प्रतिरोधक विष) दिये जाने से सर्पदंश के कम से कम 473 पीड़ितों की जान बचाई जा सकी है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में सर्पदंश के 1,526 पीड़ितों का उपचार किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब ज्यादातर लोग सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक या अन्य पारंपरिक उपचार कराने के बजाय सीधे अस्पताल पहुंच रहे हैं। सर्पदंश के उपचार में देरी होने से मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है।
विभाग ने पलवल की 20-वर्षीय महिला का उदाहरण दिया, जिसे खेत में काम करने के दौरान सांप ने काट लिया था। उसे अस्पताल ले जाकर ‘एंटी-स्नेक वेनम’ दिया गया और स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने कहा कि समय पर ‘एंटी-स्नेक वेनम’ देने से इस साल करीब 473 लोगों की जान बचाने में मदद मिली है। झज्जर और अंबाला में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सिविल अस्पतालों में ‘एंटी-स्नेक वेनम’ मुफ्त उपलब्ध है और इसके भंडार की लगातार निगरानी की जा रही है।
भाषा राखी सुरेश
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