चंडीगढ़, 19 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत भर्ती किए गए कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर बुधवार को पंचकूला में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह मामला मौजूदा व्यवस्था में शोषण का सामना कर रहे युवाओं से जुड़ा है।
प्रदर्शन में कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा, बीरेंद्र सिंह, राव नरेंद्र सिंह, राज बब्बर, अशोक अरोड़ा, दीपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता तथा पार्टी के कई विधायक शामिल हुए। प्रदर्शन एचकेआरएन कार्यालय के पास किया गया।
कांग्रेस के राज्य प्रभारी राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य के युवाओं को स्थायी नौकरी देने के बजाय भाजपा सरकार एचकेआरएन व्यवस्था के जरिए उनका शोषण कर रही है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की मांग है कि एचकेआरएन के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए।”
एचकेआरएन राज्य के सभी सरकारी विभागों को संविदा पर मानवबल उपलब्ध कराता है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एचकेआरएन की संविदा व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को न तो ग्रेच्युटी, पीएफ का लाभ मिलता है और न ही नौकरी की सुरक्षा मिलती है।
उन्होंने कहा कि एचकेआरएन ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत शिक्षित और योग्य युवाओं को सरकारी विभागों, बोर्ड और अन्य संस्थाओं में कम वेतन पर अस्थायी और संविदा आधार पर लगाया जाता है।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार एचकेआरएन के माध्यम से युवाओं का शोषण कर रही है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस उनकी लड़ाई लड़ेगी। सड़कों से लेकर विधानसभा तक, हम युवाओं की आवाज उठाएंगे।”
उन्होंने कहा, “यह हमारे युवाओं के भविष्य का सवाल है। हम अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ेंगे।”
हुड्डा ने मांग की कि एचकेआरएन के जरिए भर्ती सभी कर्मचारियों को सरकारी सेवा में नियमित किया जाए तथा उन्हें समान वेतनमान, महंगाई भत्ता (डीए), पदोन्नति के अवसर, आरक्षण का लाभ और सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी नियुक्तियां नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए।
हुड्डा ने कहा कि सरकार का प्राथमिक दायित्व नियमित भर्ती करना है, लेकिन भाजपा सरकार एचकेआरएन के जरिए अनुबंध व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है और यहां तक कि राजपत्रित पदों को भी इसके माध्यम से भर रही है।
उन्होंने कहा कि यह प्रथा अप्रत्यक्ष रूप से दलितों, पिछड़े वर्गों और गरीबों के लिए आरक्षण के प्रावधानों को कमजोर कर रही है।
हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव के समय 1.25 लाख संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था।
उन्होंने कहा, “इस उद्देश्य के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी करने का दिखावा भी किया गया। सरकार ने चुनाव से ठीक पहले 15 अगस्त 2024 को अधिसूचना जारी की थी, लेकिन करीब दो साल बाद भी इन संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है।”
उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप ये कर्मचारी लगातार नौकरी जाने के खतरे में रहते हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एचकेआरएन कर्मचारियों को नियमित करने का बड़ा वादा किया था, लेकिन उनका भविष्य अब भी अधर में है।
शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “इस प्रदर्शन के जरिए हम सरकार को उसके किए वादे की याद दिलाना चाहते हैं।”
राव नरेंद्र सिंह ने एचकेआरएन को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार और ठेका व्यवस्था से मुक्ति दिलाने के नाम पर गठित यह संस्था आज अस्थायी रोजगार, असुरक्षा और शोषण का माध्यम बन गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने “समान काम के लिए समान वेतन”, ठेका व्यवस्था खत्म करने और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने के बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है।
उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक करीब 14.63 लाख युवाओं ने एचकेआरएन में पंजीकरण कराया था, जबकि केवल 1.13 लाख लोगों को तैनाती दी गई।
प्रदर्शन में राज्य के कई कांग्रेस सांसद, कई विधायक तथा जिला और ब्लॉक अध्यक्ष भी शामिल हुए।
भाषा राखी मनीषा
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