चंडीगढ़, 24 सितंबर (भाषा) हरियाणा सरकार फसलों के अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर ‘पराली सुरक्षा बल’ तैनात करेगी, जिसमें पुलिस कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही कृषि और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
राज्य सरकार खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए देर शाम की गश्त तेज करने के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के बेहतर इस्तेमाल के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, ये कदम धान की कटाई के मौसम से पहले पराली जलाने की समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए हरियाणा की कार्ययोजना का हिस्सा हैं। राज्य में धान की खरीद भी जल्द शुरू होने वाली है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारणों में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं को अक्सर जिम्मेदार माना जाता है। अक्टूबर-नवंबर में धान की कटाई और रबी फसल, खासकर गेहूं की बुवाई के बीच कम समय होने के कारण कई किसान खेतों को जल्दी साफ करने के लिए फसलों के अवशेष या पराली जला देते हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बृहस्पतिवार को पराली जलाने की समस्या को खत्म करने के लिए राज्य की कार्ययोजना और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की।
भाषा प्रचेता अविनाश
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