हरियाणा: पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने के मामले में दो व्यक्ति गिरफ्तार

हरियाणा: पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने के मामले में दो व्यक्ति गिरफ्तार

हरियाणा: पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने के मामले में दो व्यक्ति गिरफ्तार
Modified Date: June 15, 2024 / 11:05 pm IST
Published Date: June 15, 2024 11:05 pm IST

नूंह, 15 जून (भाषा) हरियाणा के नूंह में पिछले साल हुई सांप्रदायिक हिंसा में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति सहित दो लोगों को फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ग्राम प्रधानों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी पुलिस ने शनिवार को दी।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक खालिद ने कथित तौर पर अपने व्हाट्सऐप अकाउंट के डिस्प्ले तस्वीर पर एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) की तस्वीर का इस्तेमाल करके ऑनलाइन मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों को फोन किया और पैसे की मांग की।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नूंह जिले के रीठत गांव के पूर्व सरपंच एवं शिकायकर्ता दिलबाग ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को डीएसपी शमशेर सिंह बताया।

अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता डीएसपी शमशेर सिंह को अच्छी तरह से जानता था, क्योंकि वह पहले पुन्हाना में तैनात थे और उसने फोन करने वाले से कहा कि उसके पास यह नंबर नहीं है।

दिलबाग ने पुलिस को बताया, ‘‘जब मैंने उस नंबर का पता लगाया जिससे मुझे कॉल आयी थी, तो पता चला कि पुलिस की वर्दी में डीएसपी शमशेर सिंह की तस्वीर को व्हाट्सऐप डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) के रूप में इस्तेमाल किया गया था।’’

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने एक दिन बाद फिर से उसे फोन किया और एक पारिवारिक दिक्कत का हवाला देते हुए 95,000 रुपये की मांग की। दिलबाग ने अपनी पुलिस शिकायत में कहा है कि कॉल करने वाले ने एक बैंक खाते का विवरण साझा किया, जिसमें पैसे भेजे गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगले दिन, पूर्व सरपंच को फिर से पैसे की मांग करते हुए एक कॉल आयी और तब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।

पुलिस ने बताया कि नूंह के साइबर अपराध थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद खालिद और उसके साथी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘मुख्य आरोपी खालिद खुद को डीएसपी बताकर सरपंचों और पूर्व सरपंचों को ठगता था। पुलिस पूछताछ के दौरान खालिद ने अपना अपराध कबूल कर लिया और बताया कि वह पिछले साल 31 जुलाई को नूंह में हुई हिंसा में भी शामिल था।’

पिछले साल 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद की शोभायात्रा पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद नूंह में भड़की सांप्रदायिक झड़पों में दो होमगार्ड और एक नायब इमाम समेत छह लोगों की मौत हो गई थी।

भाषा अमित संतोष

संतोष


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