हिमाचल सरकार नए शहरी स्थानीय निकायों में ग्रामीण जल शुल्क तीन वर्ष तक बरकरार रखेगी

हिमाचल सरकार नए शहरी स्थानीय निकायों में ग्रामीण जल शुल्क तीन वर्ष तक बरकरार रखेगी

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  • Publish Date - May 11, 2025 / 09:07 PM IST,
    Updated On - May 11, 2025 / 09:07 PM IST

शिमला, 11 मई (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने निवासियों को बड़ी राहत देते हुए नव गठित शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में अगले तीन वर्षों तक ग्रामीण क्षेत्रों के शुल्क के तहत ही पानी बिल वसूलना जारी रखने का निर्णय लिया है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने रविवार को एक बयान में कहा कि इस कदम का उद्देश्य हाल ही में यूएलबी में विलय किए गए क्षेत्रों के निवासियों को राहत प्रदान करना है, जिससे राज्य भर में 47,820 उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इन क्षेत्रों के निवासियों को संपत्ति कर से भी छूट दी जा रही है।

हाल के प्रशासनिक पुनर्गठन के हिस्से के रूप में, सरकार ने 14 नयी नगर पंचायतें गठित की हैं, जिनमें संधोल, धर्मपुर, बलद्वाड़ा, बनीखेत, खुंडियां, कोटला, नगरोटा सूरियां, कुनिहार, झंडुत्ता, स्वारघाट, बड़सर, भरारी, बंगाणा और शिलाई शामिल हैं।

हमीरपुर, ऊना और बद्दी नगर परिषदों को नगर निगमें में तब्दील किया गया है, जबकि नादौन और बैजनाथ-पपरोला नगर पंचायतों को नगर परिषदों का दर्जा दिया गया है।

बयान में कहा गया है कि इन यूएलबी को दी गई राहत का उद्देश्य शहरी पुनर्गठन के कारण निवासियों को अचानक पड़ने वाले वित्तीय बोझ से बचाना है।

भाषा शफीक प्रशांत

प्रशांत