हिमाचल प्रदेश में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भारी वृद्धि, तीन साल में 585 मामले: मुख्यमंत्री सुक्खू

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हिमाचल प्रदेश में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भारी वृद्धि, तीन साल में 585 मामले: मुख्यमंत्री सुक्खू

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 09:03 PM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 09:03 PM IST

शिमला, 28 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को सदन को बताया कि राज्य में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है और 31 जनवरी 2026 तक पिछले तीन वर्षों में यहां कुल 585 मामले दर्ज किए गए।

मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक इंदर दत्त लखनपाल के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि इन धोखाधड़ी में 150 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन शामिल हैं और कुछ मामलों में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत या लापरवाही सामने आई है।

सुक्खू ने बताया कि बैंक के चार कर्मचारियों को इन मामलों से जुड़े होने के संबंध में गिरफ्तार किया गया है जबकि इन मामलों में कुल 258 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बरामद की गई है।

सबसे अधिक 99 मामले सोलन जिले में दर्ज किए गए, जिसमें बद्दी औद्योगिक क्षेत्र शामिल है, इसके बाद कांगड़ा में 67, मंडी में 30, किन्नौर में 28, सिरमौर में 25, शिमला में 17, ऊना में 13, नूरपुर पुलिस जिले में 12, चंबा और कुल्लू में 10-10, हमीरपुर में सात, लाहौल-स्पीति में चार और बिलासपुर जिले में एक मामला दर्ज किया गया।

जिलावार आंकड़ों के अनुसार, सोलन में 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया, चंबा में 15, कांगड़ा में 29, लाहौल-स्पीति में चार, मंडी में दो, सिरमौर में 24, किन्नौर में 19, शिमला के साइबर थाने में 11, मंडी के साइबर थाने में 49 और धर्मशाला के साइबर थाने में 55 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस युग में डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों की बढ़ती संख्या एक गंभीर चुनौती है तथा उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन मामलों से निपटने के लिए लगातार उपाय कर रही है।

राज्य भर के 146 थानों में ‘साइबर हेल्प डेस्क’ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, आठ अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 29 अन्य अधिकारी वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

भाषा यासिर गोला

गोला