कोलकाता और पूर्वोत्तर में रक्षा विनिर्माण की अपार संभावनाएं: थलसेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज पांडे

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कोलकाता और पूर्वोत्तर में रक्षा विनिर्माण की अपार संभावनाएं: थलसेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज पांडे

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 12:58 AM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 12:58 AM IST

कोलकाता, 18 जुलाई (भाषा) थलसेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) ने शनिवार को कहा कि कोलकाता और पूर्वोत्तर में रक्षा विनिर्माण केंद्र के तौर पर उभरने की ‘जबरदस्त क्षमता’ है।

पांडे ने यह भी कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के तेजी से शामिल होने के बावजूद पारंपरिक युद्ध और सैनिकों की भूमिका निर्णायक बनी रहेगी।

यहां ‘व्याना जियो-इकोनॉमिक फोरम’ (वीजीईएफ) द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक लचीलापन’ विषय पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार रहने के लिए भारत के सशस्त्र बलों को साइबर, अंतरिक्ष और सूचना युद्ध समेत कई क्षेत्रों में बदलाव करने की आवश्यकता है।

पूर्व सेना प्रमुख ने कहा, ‘कोलकाता में और उसके आसपास तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में रक्षा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर समेत कई प्रमुख इंजीनियरिंग एवं शैक्षणिक संस्थान हैं।’’

पांडे ने कहा कि असम इस क्षेत्र में पहले ही उल्लेखनीय प्रगति कर चुका है। उन्होंने पश्चिम बंगाल से इस क्षेत्र में ‘‘आगे बढ़कर इस अवसर का लाभ उठाने’’ का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अनुकूल नीतियां क्षेत्र की क्षमता को सामने लाने में मदद कर सकती हैं।

भाषा प्रचेता सिम्मी

सिम्मी