दिल्ली में एसआईआर के तहत 35 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया

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दिल्ली में एसआईआर के तहत 35 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 12:32 AM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 12:32 AM IST

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) दिल्ली की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत शनिवार तक 35 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो गया।

निर्वाचन अधिकारी अब प्रपत्रों के वितरण के बजाय मतदाताओं से प्राप्त प्रपत्रों को डिजिटल रूप देने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 35,07,758 गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। यह दिल्ली के कुल 1,45,10,298 मतदाताओं का 24.17 प्रतिशत है। शुक्रवार तक 30,49,330 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हुआ था।

जिलों में बाहरी उत्तर दिल्ली डिजिटलीकरण में 40 प्रतिशत का आंकड़ा पार करने वाला पहला जिला बन गया है। यहां 40.21 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हो चुका है।

इसके बाद दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में 34.37 प्रतिशत, पश्चिम दिल्ली में 28.93 प्रतिशत, मध्य उत्तर दिल्ली में 28.76 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 28.67 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया है।

दक्षिण-पूर्व दिल्ली में सबसे कम 14.93 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हुआ है। पूर्व दिल्ली में 16.60 प्रतिशत और पुरानी दिल्ली में 16.61 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया है।

घर-घर जाकर प्रपत्र बांटने की प्रक्रिया भी पूरी होने के करीब है। अब तक 1,44,68,389 प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 99.71 प्रतिशत है।

निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में एसआईआर की समयसीमा बढ़ा दी है। बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) अब 29 जुलाई के बजाय आठ अगस्त तक घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित और एकत्र कर सकेंगे।

भाषा

सिम्मी संतोष

संतोष