नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बृहस्पतिवार को मानव तस्करी के सभी रूपों से निपटने और हर व्यक्ति की गरिमा, अधिकारों और आजादी की रक्षा करने के प्रति अपनी ‘‘अटूट प्रतिबद्धता’’ दोहराते हुए कहा कि यह अपराध ‘‘मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन’’ है, जिसका महिलाओं और बच्चों पर बहुत अधिक असर पड़ता है।
विश्व मानव तस्करी निरोध दिवस के अवसर पर रहाटकर ने कहा, ‘‘हमें रोकथाम के उपायों को मजबूत करना होगा, त्वरित न्याय सुनिश्चित करना होगा, पीड़ितों की सुरक्षा और पुनर्वास करना होगा तथा तस्करों को जवाबदेह ठहराना होगा।’’
विश्व मानव तस्करी निरोध दिवस हर वर्ष 30 जुलाई को मनाया जाता है।
एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विश्व मानव तस्करी निरोध दिवस पर, हम मानव तस्करी के सभी रूपों से लड़ने और हर व्यक्ति की गरिमा, अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करने के अपने अटूट संकल्प को दोहराते हैं। मानव तस्करी मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, जो महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में सरकारी एजेंसियों, कानून लागू करने वाली संस्थाओं, नागरिक संस्थाओं, समुदायों और हर नागरिक की एकजुट कार्रवाई की जरूरत है। जागरूकता, सतर्कता, प्रौद्योगिकी और आपसी सहयोग से हम शोषण की बेड़ियों को तोड़ सकते हैं और एक अधिक सुरक्षित एवं न्यायपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।’’
रहाटकर ने कहा कि एनसीडब्ल्यू यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी पीड़ित को न्याय, सम्मान या मदद से वंचित न रहना पड़े।
उन्होंने कहा, ‘‘आइए हम सब मिलकर मानव तस्करी के खिलाफ खड़े हों और हर व्यक्ति के आजादी, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने के अधिकार को बनाए रखें।’’
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