जयपुर, चार अप्रैल (भाषा) शहर के सुशीलपुरा इलाके में संदिग्ध दूषित पेयजल से पिछले एक हफ़्ते में सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए हैं और बच्चे तथा बजुर्ग सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं।
इलाके में अनेक लोगों ने उल्टी, दस्त, पेट दर्द, जी मिचलाने और बुखार जैसे लक्षणों की शिकायत की है।
सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. अनिल मेहता ने बताया कि पिछले तीन दिन में एक जैसे लक्षणों वाले 150 से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज किया गया है।
वहीं, सिविल लाइंस से विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि समस्या को सुलझाने के प्रयास जारी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संकट से इलाके का लगभग हर घर प्रभावित है तथा इसके चलते कई लोग पेयलज के लिए पानी के टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं या उन्हें बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
क्षेत्र के निवासी पूरनमल कुमावत ने बताया कि उनका परिवार कई दिनों से बीमार है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी दस्त और कमजोरी से जूझ रहे हैं। मेरी पत्नी को तो टीके भी लगवाने पड़े।’’
वहीं, एक अन्य निवासी जानकी सैनी ने कहा कि हालात लगातार विकट होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे तीनों बच्चे पेट दर्द और बुखार से पीड़ित हैं। हम बाहर से पानी का इंतज़ाम कर रहे हैं।’’
जगदीश साहू का दावा है कि इलाज पर वह अब तक हजारों रुपये खर्च कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मां और मैं बीमार हैं। मैं अपने बेटे को इलाज के लिए लेकर गया। हम रोजाना पानी खरीद रहे हैं जिससे हमारा खर्च और बढ़ रहा है।’’
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस संकट की शुरुआत तब हुई जब इलाके में सड़क बनाने के काम के दौरान पानी की भूमिगत पाइपलाइन कथित तौर पर टूट गईं जिससे पेयजल में ‘सीवेज’ का पानी मिल गया।
अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत करने और पीने के लिए सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं और स्वास्थ्य विभाग भी हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।
सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. अनिल मेहता ने कहा, ‘‘पिछले तीन दिन में ही एक जैसे लक्षणों वाले 150 से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज किया गया है।’’
क्षेत्र के निजी डॉक्टरों ने भी ऐसे मामलों में अचानक बढ़ोतरी होने की बात कही है।
सिविल लाइंस से विधायक शर्मा ने लोगों के विरोध-प्रदर्शन के बाद इलाके का दौरा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार और प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।’’
शर्मा ने कहा कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम काम पर लगाई गई हैं तथा दवाएं बांटने एवं पानी की आपूर्ति करने जैसे राहत कार्य किए जा रहे हैं।
कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया और सड़क का काम शुरू करने के फैसले पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर सड़क अच्छी हालत में थी तो उसे क्यों खोदा गया? इस तरह के काम की वजह से सीवर और पानी की लाइनों को नुकसान पहुंचा है जिससे यह संकट खड़ा हो गया है।’’
खाचरियावास ने कहा कि अगर इस मुद्दे को जल्द समाधान नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
भााषा पृथ्वी नेत्रपाल
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