हैदराबाद: ईडी ने हीरा ग्रुप धोखाधड़ी मामले में 159 करोड़ रुपये की संपत्ति नीलाम की

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हैदराबाद: ईडी ने हीरा ग्रुप धोखाधड़ी मामले में 159 करोड़ रुपये की संपत्ति नीलाम की

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  • Publish Date - June 20, 2026 / 10:19 PM IST,
    Updated On - June 20, 2026 / 10:19 PM IST

नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कहा कि उसने हैदराबाद आधारित हीरा ग्रुप के खिलाफ धनशोधन की जांच के सिलसिले में 159 करोड़ रुपये की नयी संपत्तियों की नीलामी की है। संबंधित समूह पर जमाकर्ताओं के साथ करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी करने का आरोप है।

नीलाम की गई संपत्तियों में 23 अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिन्हें पहले धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कुर्क किया गया था। इनकी पहचान ‘‘अपराध से हुई कमाई से हासिल या खरीदी गई संपत्तियों’’ के तौर पर की गई थी।

ईडी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, 19 जून को ‘मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (एमएसटीसी) के ज़रिए नीलामी की गई।

बयान के अनुसार, ईडी ने कहा कि नीलामी से मिली रकम का इस्तेमाल उच्चतम न्यायालय की देखरेख में असली निवेशकों को पैसा वापस करने और क्षतिपूर्ति करने के लिए किया जाएगा।

हीरा ग्रुप की मुख्य प्रवर्तक और इस मामले की मुख्य आरोपी नौहेरा शेख को पिछले महीने हरियाणा के गुरुग्राम में एजेंसी ने उसकी निजी सहायक नाज़नीन अंसारी (उर्फ़ अबीदा) के साथ गिरफ़्तार किया था। दोनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं।

आरोप है कि शेख, हीरा ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ और अन्य लोगों ने सालाना 36 प्रतिशत से ज़्यादा मुनाफे का वादा करके जनता से 5,978 करोड़ रुपये से अधिक की रकम इकट्ठा की।

ईडी का आरोप है कि उन्होंने मूल रकम भी नहीं लौटाई और 1.72 लाख से ज़्यादा निवेशकों को 3,000 करोड़ रुपये का चूना लगाया।

एजेंसी ने इस मामले में अब तक 428 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की है और धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधान के तहत पीड़ितों को पैसे लौटाने के लिए इन संपत्तियों की नीलामी करने की मंज़ूरी शीर्ष अदालत से हासिल कर ली है।

ईडी के अनुसार, कुछ संपत्तियों की पहले नीलामी की गई थी, जिससे सरकारी खजाने में लगभग 122 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

भाषा

नेत्रपाल दिलीप

दिलीप