मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं हटा : कांग्रेस सांसद शशि थरूर

मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं हटा : कांग्रेस सांसद शशि थरूर

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 06:57 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 06:57 PM IST

वायनाड (केरल), पांच जनवरी (भाषा) कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि वह कभी भी पार्टी लाइन से अलग नहीं हुए हैं। उनके हालिया बयानों और लेख ने पार्टी को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया था।

आगामी राज्य विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने के वास्ते केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा सुल्तान बाथरी में आयोजित ‘लक्ष्य 2026’ नेतृत्व शिविर में भाग लेने के बाद वह पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “मेरा सवाल यह है कि किसने कहा कि मैंने पार्टी की विचारधारा का उल्लंघन किया है? मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की है, लेकिन अधिकतर मामलों में पार्टी और मैं एक ही रुख पर कायम रहे हैं।”

थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में मंत्रियों के सामने जो सवाल उठाए थे, उनकी एक स्पष्ट दिशा थी और पार्टी को उनसे परेशान नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विवाद अक्सर तब उत्पन्न होते हैं जब मीडिया की खबरें पूरी सामग्री पढ़े बिना केवल सुर्खियों पर आधारित होती हैं।

थरूर ने कहा, ‘‘जब मैं लोगों से पूछता हूं कि क्या उन्होंने वास्तव में मैंने जो लिखा है उसे पढ़ा है, तो ज्यादातर लोगों ने नहीं पढ़ा होता है। पूरा पाठ पढ़ने के बाद, उन्हें असली मुद्दा समझ में आता है।’’

उन्होंने कहा कि वह 17 साल से पार्टी में हैं और अपने सहयोगियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘अभी किसी तरह की अचानक गलतफहमी की कोई जरूरत नहीं है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या ये मुद्दे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने के बाद शुरू हुए, थरूर ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करती है और अतीत में कई नेताओं ने आंतरिक चुनाव लड़े हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने चुनाव लड़ा और हार गया। बात यहीं खत्म हो गई। मुझे इसमें कोई कहानी नजर नहीं आती। पार्टी के इतिहास में कई चुनाव हुए हैं, तथा कई में जीत और हार हुई है।”

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का बचाव करने वाली उनकी टिप्पणी पर थरूर ने कहा कि यह आडवाणी के 98वें जन्मदिन पर शिष्टाचार का एक कार्य था।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी संस्कृति हमें बड़ों का सम्मान करना सिखाती है, और मैंने वही किया।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा के रूप में देखे जाने वाले बयानों को लेकर एक अन्य विवाद का जिक्र करते हुए, थरूर ने कहा कि उन्होंने केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कही गई बातों को उद्धृत किया था।

उन्होंने कहा, “मैंने लोगों से पूछा कि मैंने उनकी प्रशंसा कहाँ की है। अगर कोई पूरा पोस्ट पढ़ेगा तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था।”

केरल विधानसभा चुनाव और उम्मीदवारों के चयन के संबंध में थरूर ने कहा कि पार्टी नेताओं से परामर्श किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के नेताओं के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस सांसद विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, उन्होंने कहा कि कुछ सांसद इच्छुक हैं, लेकिन यह निर्णय पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन लोगों के लिए बोलता और लिखता हूं जो भविष्य की तलाश में दूसरे राज्यों और देशों में पलायन करते हैं।’’

थरूर ने कहा कि केरल को अधिक अवसर पैदा करने के लिए निवेश के द्वार खोलने चाहिए।

उन्होंने कहा, “केरल का विकास तभी होगा जब रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।” कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि सभी क्षेत्रों का अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है।

थरूर ने कहा, ‘‘हमारी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और हम पर भारी कर्ज है। कर्ज चुकाने में विकास कार्यों के लिए निर्धारित बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के साथ एकजुट होकर खड़ी रहेगी और उन्हें विश्वास है कि यूडीएफ केरल में सत्ता में आएगा।

कांग्रेस द्वारा 100 सीट जीतने का दावा किए जाने के बारे में थरूर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने यह दावा किया था और यह संभव है।

मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में थरूर ने कहा कि कांग्रेस में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘कई लोग योग्य हो सकते हैं, लेकिन हमारी पार्टी में अंतिम निर्णय विधायकों से परामर्श करने के बाद ही लिया जाता है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह केरल की राजनीति में सक्रिय रहेंगे, थरूर ने कहा कि संसदीय प्रतिबद्धताओं के बावजूद वह राज्य में सक्रिय रहेंगे।

उन्होंने कहा, “आपको याद रखना चाहिए कि 2021 में, कोविड-19 महामारी के दौरान भी, मैंने 56 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया था। मैं हमेशा से विधानसभा चुनाव में प्रचार करता आया हूं, तथा इस बार आप मुझे और भी अधिक सक्रिय देखेंगे।”

थरूर के बयानों और लेखों की राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कांग्रेस नेता कड़ी आलोचना करते रहे हैं।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश