कुशमंडी (पश्चिम बंगाल), 11 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर पश्चिम बंगाल को “सिंडिकेट” द्वारा संचालित राज्य में बदलने का आरोप लगाया और भाजपा के सत्ता में आने पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों पर कार्रवाई का वादा किया।
बांग्लादेश की सीमा से लगे दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमंडी में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने पिछले दिसंबर में अर्जेंटीना के फुटबॉल दिग्गज लियोनेल मेस्सी की कोलकाता यात्रा के दौरान हुई गड़बड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी ने “फुटबॉल का खेल भी अपने गिरोहों को सौंप दिया है”।
उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया ने उन शर्मनाक तस्वीरों को देखा। टीएमसी ने फुटबॉल को भी अपने सिंडिकेट के हवाले कर दिया है।”
राज्य को अराजकता का पर्याय बताते हुए मोदी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट ही सरकार है और सरकार ही सिंडिकेट है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव “टीएमसी के डर और भाजपा के भरोसे” के बीच एक मुकाबला होगा।
उन्होंने कहा, “यह लड़ाई भय को पराजित करने और पश्चिम बंगाल को विश्वास के साथ आगे ले जाने की है। टीएमसी की लूट और झूठ की दुकान बंद होने वाली है। पश्चिम बंगाल से भय का अंत होगा और विश्वास का द्वार खुलेगा।”
महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सत्ताधारी पार्टी को निशाना बनाते हुए मोदी ने वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार पुराने मामलों को फिर से खोलेगी।
उन्होंने कहा, “हम टीएमसी शासन के दौरान महिलाओं के खिलाफ हुए हर अत्याचार की फाइलें फिर से खोलेंगे। हम बलात्कार के हर मामले की फाइलें फिर से खोलेंगे और हर मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे। यह मोदी की गारंटी है।”
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग, किसी भी राजनीतिक दल के प्रति निष्ठा न रखते हुए, विरोध प्रदर्शन में एकजुट हो गए थे।
उन्होंने कहा, “मोहन बागान सुपर जायंट और ईस्ट बंगाल मैदान पर एक-दूसरे से भिड़ते हैं। लेकिन आरजी कर की घटना के बाद दोनों सड़कों पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए। ठीक उसी तरह, पश्चिम बंगाल को भी एकजुट होकर टीएमसी सरकार को सबक सिखाना होगा।”
मोदी ने टीएमसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया राज्य दौरे के दौरान उनका अपमान करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया, “माननीय राष्ट्रपति का अपमान करके टीएमसी ने महिलाओं, आदिवासियों और देश की जनता का अपमान किया है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने “आदिवासी समुदायों को माओवाद के खतरे से मुक्त कराया है”, टीएमसी पर “आदिवासी विरोधी” होने का आरोप लगाया और देश से घुसपैठियों को निकालने का वादा किया।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है, तो मतुआ और नामशूद्र समुदायों के शरणार्थियों को सीएए के तहत नागरिकता दी जाएगी, जबकि महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
भाषा प्रशांत दिलीप
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