मैं 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूं : प्रधानमंत्री मोदी का राहुल गांधी पर कटाक्ष

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मैं 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूं : प्रधानमंत्री मोदी का राहुल गांधी पर कटाक्ष

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  • Publish Date - July 20, 2026 / 01:57 PM IST,
    Updated On - July 20, 2026 / 01:57 PM IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट बनाने वाले युवा नवप्रवर्तकों की सराहना की और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह ‘‘56 साल के युवा’’ की बात नहीं कर रहे हैं।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनसे देशवासी गौरवान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष क्षेत्र तक फैली हुई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल मानसून सत्र से ठीक पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा था और हाल में एक भारतीय युवा स्टार्टअप ने असाधारण उपलब्धि हासिल की।

मोदी का इशारा शनिवार को स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ के प्रक्षेपण की ओर था। कंपनी ने इस रॉकेट के जरिये कई प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पेलोड को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में स्थापित किया। इसके साथ ही भारत अमेरिका और चीन के बाद निजी ऑर्बिटल प्रक्षेपण क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में ऐसे गिने-चुने देश ही हैं जहां निजी कंपनियों ने इस तरह की क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा नवप्रवर्तकों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की आकांक्षाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

मोदी ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि स्काईरूट स्टार्टअप में काम करने वाली टीम की औसत आयु केवल 28 वर्ष है। इन्हीं युवा दिमागों ने यह संभव बनाया है। मैं 56 साल के युवा व्यक्ति की बात नहीं कर रहा हूं; मैं एक ऐसे स्टार्टअप की बात कर रहा हूं जिसकी टीम की औसत आयु केवल 28 साल है और जिसने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का झंडा गाड़ दिया है।’’

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस साल 19 जून को 56 वर्ष के हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवा निश्चित रूप से बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसी उपलब्धियां देश में अपार आत्मविश्वास पैदा करती हैं और दुनिया में एक सम्मानित और भरोसेमंद साझेदार के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत करती हैं।’’

भाषा मनीषा माधव

माधव