हिमाचल विधानसभा में विधायकों ने कर्मचारियों की कमी, बस मार्ग, सड़क गुणवत्ता आदि मुद्दे उठाये

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हिमाचल विधानसभा में विधायकों ने कर्मचारियों की कमी, बस मार्ग, सड़क गुणवत्ता आदि मुद्दे उठाये

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 10:23 PM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 10:23 PM IST

शिमला, 28 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शनिवार को शून्यकाल के दौरान कई विधायकों ने कर्मचारियों की कमी, निलंबित बस सेवाओं, खराब सड़क गुणवत्ता और आपदा से हुए नुकसान जैसे मुद्दे उठाए।

विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार और सैंज के कॉलेजों में लंबे समय से अध्यापकों के लंबित रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इन कॉलेजों में विभिन्न विषयों के प्रोफेसर के पद पिछले तीन वर्ष से खाली पड़े हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने सरकार से इन रिक्त पदों को तुरंत भरने की मांग की।

इसके जवाब में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार की योजना 400 शिक्षण पदों को जल्द भरने की है और भर्ती प्रक्रिया अप्रैल में शुरू होगी।

विधायक सुदर्शन बबलू ने बिजली विभाग के एक अधिकारी द्वारा लोगों के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किये जाने का मुद्दा उठाया। विधायक सुरेश कुमार ने भोरंज क्षेत्र में हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवाओं के उन मार्गों का मुद्दा उठाया जो कोविड-19 महामारी के बाद से बंद हैं।

उन्होंने कहा कि कई बस मार्गों को बंद रखे जाने से स्कूल और कॉलेज के छात्रों समेत आम जनता को आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है।

विधायक त्रिलोक जांबल ने 2023 में आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद निर्माणाधीन सड़कों और पुलियों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में ठेकेदार गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच की मांग की।

इसके जवाब में, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सदन को आश्वासन दिया कि निर्माणाधीन सड़कों और पुलियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सावधानी बरती जाएगी।

भाषा

राजकुमार अविनाश

अविनाश