नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने आसन से विपक्षी दलों द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए सौंपे गये प्रस्ताव की स्थिति के बारे में जानना चाहा।
दोपहर में भोजन अवकाश के बाद उच्च सदन की बैठक फिर शुरू होने पर सिंघवी ने इस मामले को उठाते हुए सदन की कार्यवाही संचालित कर रहे उपसभापति हरिवंश से कहा कि विपक्ष को सभापति की ओर से इस मामले पर की गयी कार्रवाई की ‘कोई जानकारी नहीं’ है।
उन्होंने कहा, ‘सीईसी को हटाने का नोटिस 19 दिन पहले 12 मार्च को दिया गया था। माननीय सभापति ने सदन को सूचित नहीं किया है कि इसे स्वीकार किया गया है या नहीं। (क्या यह) विचाराधीन है, हमें कोई जानकारी नहीं है। अब 19 दिन हो गए हैं।’
इस पर हरिवंश ने कहा, ”मैं देखूंगा।”
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाये जाने की मांग करते हुए संसद के दोनों सदनों में नोटिस जमा किये थे, जिसमें 130 लोकसभा सदस्यों और 63 राज्यसभा सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे।
इस नोटिस पर आम आदमी पार्टी (आप) तथा विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सभी घटक दलों के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे।
विपक्षी दलों ने सीईसी पर कई मौकों पर सत्तारूढ़ भाजपा की सहायता करने का आरोप लगाया है, खासकर मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मामले में। विपक्षी दलों का आरोप है कि सीईसी केंद्र में भाजपा की मदद कर रहे हैं।
भाषा माधव मनीषा
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