कम, शून्य टीडीएस प्रमाणपत्र के ऑनलाइन आवेदन के लिए जल्द आएंगे आयकर नियम: वित्त राज्य मंत्री
कम, शून्य टीडीएस प्रमाणपत्र के ऑनलाइन आवेदन के लिए जल्द आएंगे आयकर नियम: वित्त राज्य मंत्री
नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि आयकर विभाग 2026-27 के बजट प्रावधान को लागू करने के लिए नियम बना रहा है, जिसके तहत करदाता कम या शून्य ‘टीडीएस’ प्रमाणपत्र के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 395(1) में ‘स्रोत पर कर कटौती’ (टीडीएस) को ‘शून्य’ या ‘कम’ दर पर करने के लिए प्रमाणपत्र जारी करने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि छोटे करदाताओं पर नियमों का पालन करने का बोझ कम करने के लिए वित्त अधिनियम, 2026 के तहत भुगतान पाने वाले व्यक्ति को आयकर की कटौती कम या शून्य दर पर करने के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करने का आवेदन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जमा करने का विकल्प दिया गया है। तय शर्तों को पूरा करने पर यह प्रमाणपत्र जारी किया जा सकता है या इसे खारिज भी किया जा सकता है।
चौधरी ने कहा, ‘‘…इसे लागू करने वाला नियम अभी तैयार किया जा रहा है और सही समय पर इससे अवगत कराया जाएगा।’’
आम तौर पर, कोई करदाता कम या शून्य टीडीएस प्रमाणपत्र के लिए उस वक्त आवेदन करता है जब उसे उम्मीद होती है कि उसकी असल कर देनदारी, सामान्य तौर पर कटने वाले टीडीएस से कम होगी। ऐसा करने से उसे अधिक कर कटने और बाद में रिफंड दावा करने की जरूरत नहीं पड़ती।
वित्त वर्ष 2027 के बजट में प्रस्तावित बदलाव के तहत, करदाता कर प्राधिकरण को कमतर टीडीएस प्रमाणपत्र के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इस आवेदन पर आयकर पोर्टल पर पहले से मौजूद जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें पूर्व में दाखिल किये गए रिटर्न, ‘एनुअल इन्फॉरमेशन स्टेटमेंट’ (एआईएस), ‘टैक्सपेयर इन्फॉरमेशन समरी’ (टीआईएस) और फॉर्म 26एएस शामिल होंगे।
अगर तय शर्तें पूरी होती हैं, तो प्रमाणपत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी किया जाएगा। त्रुटिपूर्ण आवेदन अस्वीकार किए जा सकते हैं।
इस प्रस्तावित प्रावधान से कागजी दस्तावेजों और आयकर कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी, और प्रक्रिया तेज, कागज रहित और ज्यादा पारदर्शी हो जाएगी।
चौधरी ने कहा कि आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2.24 लाख अपील का निस्तारण किया, जो 2023-24 में 1.11 लाख थीं। साथ ही, वित्त वर्ष 2026 में 2.13 लाख ‘फेसलेस असेसमेंट’ पूरे किए गए, जो वित्त वर्ष 2024 के 2.73 लाख से कम हैं।
मंत्री पिछले तीन वर्षों के दौरान निस्तारित किये गए ‘फेसलेस असेसमेंट’ और अपील की संख्या के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
‘फेसलेस असेसमेंट’ एक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जो करदाताओं और आयकर अधिकारियों के बीच भौतिक संपर्क को खत्म करती है।
भाषा सुभाष वैभव
वैभव

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