नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के दलों ने मंगलवार को दोपहर बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को उपसभापति हरिवंश द्वारा बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने पर विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
जब विपक्षी दलों के सदस्यों ने बहिर्गमन किया तब उच्च सदन में ‘न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026’ पर चर्चा हो रही थी।
विपक्षी दल लगातार मांग कर रहे हैं कि पिछले महीने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान दें। इसके अलावा विपक्ष अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी उठा रहा है।
मंगलवार को भोजनावकाश से पहले इन्हीं मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी थी।
दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच न्यायाधिकरण सुधार विधेयक पर चर्चा शुरू हुई।
उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से केवल विधेयक से जुड़े विषय पर बोलने का आग्रह किया और शुरुआत में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने ‘‘नेता प्रतिपक्ष को बोलने दो’’ के नारे लगाए और हंगामा किया।
शोर-गुल के बीच विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। विपक्षी सांसदों ने व्यवस्था के प्रश्न उठाने का प्रयास किया और गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आने की मांग की तथा राम मंदिर चंदे की कथित चोरी को लेकर नारे लगाए।
हरिवंश ने खरगे को बोलने की अनुमति दी, लेकिन उन्हें सदन में चल रहे कार्य यानी विधेयक पर ही अपनी बात रखने को कहा। खरगे ने राम मंदिर मुद्दे पर बोलने का प्रयास किया, लेकिन आसन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
हरिवंश ने अगले वक्ता का नाम पुकारा। इस पर विरोध जताते हुए ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। हालांकि, विधेयक पर चर्चा जारी रही।
भाषा मनीषा अविनाश
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