भारत में प्रति 10 लाख लोगों पर 22 न्यायाधीश : कानून मंत्री

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भारत में प्रति 10 लाख लोगों पर 22 न्यायाधीश : कानून मंत्री

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 07:18 PM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 07:18 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि भारत में प्रति 10 लाख आबादी पर करीब 22 न्यायाधीश हैं।

विधि आयोग ने 1987 में अपनी 120वीं रिपोर्ट में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 50 न्यायाधीशों का अनुपात रखने की सिफारिश की थी।

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि वर्तमान में, देश में न्यायाधीशों का अनुपात प्रति दस लाख जनसंख्या पर लगभग 22 न्यायाधीश है।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी खास वर्ष में प्रति दस लाख जनसंख्या पर न्यायाधीशों के अनुपात की गणना करने के लिए, विधि एवं न्याय मंत्रालय 2011 की जनगणना के आंकड़ों और वर्ष 2026 में उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों और जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या के आधार पर मानदंड का उपयोग करता है।’’

मेघवाल ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में देश में विचाराधीन कैदियों की संख्या 3,89,910 थी।

मेघवाल ने कहा कि मामलों का निपटारा न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है।

अदालतों में मामलों के लंबित रहने के कई कारण हैं, जिनमें तथ्यों की जटिलता, साक्ष्य की प्रकृति, हितधारकों (बार, जांच एजेंसियां, गवाह और वादी) का सहयोग, भौतिक बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की उपलब्धता आदि शामिल हैं।

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश