नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) भारत में वैश्विक स्तर पर ऐसे सर्वाधिक अनुसंधानकर्ता हैं जो अगले कुछ वर्षों में विदेश जाने पर विचार कर रहे हैं। यह बात एक नए अध्ययन में कही गई है।
भारतीय अनुसंधानकर्ताओं के विदेश जाने की इच्छा के प्रमुख कारण ये हैं: बड़ी अनुसंधान टीमों का हिस्सा बनने के अवसर, बेहतर सुविधाएं और उपकरण, बेहतर वेतन, बेहतर कार्य-जीवन संतुलन और विदेश में अपने विशिष्ट क्षेत्र में अनुसंधान के लिए धन की व्यापक उपलब्धता।
‘रिसर्चर ऑफ फ्यूचर 2026’ नामक यह रिपोर्ट हाल ही में एल्सेवियर द्वारा जारी की गई है, जो एक प्रमुख वैश्विक शैक्षणिक प्रकाशन और विश्लेषण कंपनी है।
लेखकों ने दुनिया भर के 3,200 से अधिक अनुसंधानकर्ताओं का सर्वेक्षण किया, जिनमें से सात प्रतिशत भारत से थे।
सर्वेक्षण से पता चला कि भारत के 52 प्रतिशत अनुसंधानकर्ता विदेश जाने की इच्छा रखते हैं।
भाषा नेत्रपाल माधव
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