भारत में वैश्विक पोत निर्माण का केंद्र बनने की क्षमता : राजनाथ सिंह

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भारत में वैश्विक पोत निर्माण का केंद्र बनने की क्षमता : राजनाथ सिंह

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  • Publish Date - August 23, 2026 / 03:17 PM IST,
    Updated On - August 23, 2026 / 03:17 PM IST

कोलकाता,23 अगस्त (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कोलकाता से ऑनलाइन माध्यम से ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स’ (जीआरएसई) और ‘यंत्र इंडिया लिमिटेड’ की पांच विस्तार योजनाओं की आधारशिला रखने के अवसर पर कहा कि भारत में पोत निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता है।

आधारशिला रखने के लिए आयोजित कार्यक्रम में सिंह के साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।

सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में पोत निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता है। वैश्विक जहाज निर्माण उद्योग में एक शून्यता आ रही है और भारत इस मौके का लाभ उठा सकता है।’’

इन परियोजनाओं में जीआरएसई की तीन और ‘यंत्र इंडिया’ की दो विस्तार योजनाएं शामिल हैं।

रक्षामंत्री ने कहा, ‘‘राज्य विकास के एक नए दौर की शुरुआत करने के लिए कदम उठाएगा। पश्चिम बंगाल में कारखानों के बंद होने और तालाबंदी की खबरों की जगह अब नयी परियोजनाओं की शुरुआत ने ले ली हैं।’’

कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए जीआरएसई ने युद्धपोत बनाने और उनकी मरम्मत करने की अपनी क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, कोलकाता (एसएमपीके) के साथ पट्टा समझौता किए हैं। इस समझौते के तहत हुगली नदी के दोनों किनारों पर दो छोटे शिपयार्ड और रायचक में नदी के किनारे 32 एकड़ जमीन ली गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ये परियोजनाएं जीआरएसई की क्षमताओं को मजबूत करेंगे और साथ ही रोजगार सृजित करके तथा सहायक उद्योगों, खासकर एमएसएमई के ​​लिए अधिक अवसर पैदा करके पश्चिम बंगाल के औद्योगिक पारिस्थितिकी को फिर से खड़ा करने में मदद करेंगे।’’

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप