नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) वाशिंगटन द्वारा तेहरान को दी गई चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया संकट के एक गंभीर मोड़ पर पहुँचने के बीच भारत ने मंगलवार को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को अगले 48 घंटों तक ‘‘जहाँ हैं, वहीं रहने’’ की सलाह दी।
आपातकालीन परामर्श में, ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों से घर के भीतर रहने तथा सैन्य ठिकानों, ऊर्जा ढांचों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से पूरी तरह दूर रहने का आग्रह किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी खत्म करने के लिए उनके द्वारा दी गई रात 8 बजे (पूर्वी समय) तक की समयसीमा (भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) का पालन नहीं करता है, तो ‘‘पूरी की पूरी सभ्यता आज रात खत्म हो जाएगी।’’
दूतावास ने कहा, ‘‘पिछली सलाहों के क्रम में, जो भारतीय नागरिक अब भी ईरान में हैं, उन्हें अगले 48 घंटों तक वहीं रहना चाहिए जहाँ वे हैं; उन्हें बिजली और सैन्य ठिकानों के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंज़िलों से दूर रहना चाहिए, घर के अंदर ही रहना चाहिए और राजमार्ग संबंधी किसी भी तरह की आवाजाही के लिए दूतावास के साथ सख्ती से तालमेल बिठाना चाहिए।’’
इसने कहा, ‘‘दूतावास द्वारा बुक किए गए होटलों में ठहरे लोगों को अपने कमरों के भीतर ही रहना चाहिए और वहां मौजूद दूतावास की टीमों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखना चाहिए। सभी से अनुरोध है कि वे आधिकारिक अद्यतन जानकारी पर बारीकी से नज़र रखें।’’
दूतावास ने कहा कि उसके आपातकालीन नंबर चालू हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद जब संघर्ष शुरू हुआ, तब ईरान में छात्रों सहित लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे। अब तक लगभग 1,800 भारतीय भारत लौट चुके हैं।
भाषा नेत्रपाल माधव
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