नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) भारत ने शुक्रवार को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों की उन टिप्पणियों को खारिज कर दिया, जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन टिप्पणियों को खारिज करते हुए यूएससीआईआरएफ को एक ‘‘पक्षपातपूर्ण’’ संगठन बताया।
उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि जिस संगठन का आप जिक्र कर रहे हैं, वह भारत के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां करता रहा है।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘यह (यूएससीआईआरएफ) एक पक्षपातपूर्ण संगठन है। मैं कहना चाहूंगा कि हमें ऐसे संगठनों से दूरी बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि उनका अपना एजेंडा होता है और उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।’’
जायसवाल यूएससीआईआरएफ के अधिकारियों की टिप्पणियों से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
यूएससीआईआरएफ आयुक्त जीन मिल्स ने कहा था कि अमेरिका को आरएसएस के नेताओं के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें नहीं करनी चाहिए और न ही उन्हें विशेष राजनयिक सम्मान देना चाहिए भले ही वे भारत सरकार से जुड़े हों।
मिल्स ने कहा, ‘‘इसके बजाय, अमेरिकी सरकार को उन आरएसएस सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर ध्यान देना चाहिए जो एफओआरबी (धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता) के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए गए हैं।’’
यूएससीआईआरएफ के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने आरएसएस को ऐसा संगठन बताया, जिससे संबद्ध कुछ समूहों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले करने के आरोप लगे हैं।
यूएससीआईआरएफ ने महमूद और मिल्स की टिप्पणियों को अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट किया था।
भाषा आशीष संतोष
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