नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) भारत और ब्रिटेन ने मंगलवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसका उद्देश्य तीन साल तक के अल्पकालिक कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों द्वारा सामाजिक सुरक्षा योगदान पर दोहरे भुगतान को समाप्त करना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता अल्पकालिक विदेशी कार्य पर कर्मचारियों की आवाजाही और निरंतर सामाजिक सुरक्षा कवरेज का समर्थन करेगा।
सामाजिक सुरक्षा पर समझौते पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री और ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने हस्ताक्षर किए।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसका उद्देश्य 36 महीने तक की अवधि के लिए एक-दूसरे के क्षेत्रों में अस्थायी कार्य पर दोनों देशों के कर्मचारियों के लिए दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से बचना है।
मंत्रालय ने कहा, ‘इससे सेवा क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन की साझेदारी बढ़ेगी, दोनों देशों के उच्च कौशल और नवीन सेवा क्षेत्रों का लाभ मिलेगा।’
ब्रिटेन में कार्यरत टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस जैसी बड़ी आईटी कंपनियों को इस समझौते से लाभ होने की उम्मीद है क्योंकि उन्हें अपने संचालन में सहयोग को लेकर भारत से आने वाले कर्मचारियों के लिए तीन साल तक सामाजिक सुरक्षा योगदान देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस कदम से लगभग 75,000 भारतीय कामगारों को लाभ होने की संभावना है।
भाषा आशीष नेत्रपाल
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