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नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सीबीआई और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) से एनआईए, ईडी और बैंकों जैसी अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर एक संयुक्त प्रणाली विकसित करने को कहा। इसका उद्देश्य एक “समन्वित और अत्यंत सुरक्षित तंत्र” तैयार करना है, ताकि नयी तकनीकों का इस्तेमाल कर अपराध करने वाले साइबर अपराधियों से ‘‘दो कदम आगे’’ रहा जा सके।
देश में साइबर अपराधों की गंभीरता को रेखांकित करते हुए, गृह मंत्री ने कहा कि भारत के डिजिटल लेन-देन की मात्रा और हिस्सेदारी को देखते हुए, साइबर अपराध का परिदृश्य चिंताजनक प्रतीत होता है, जिसमें औसतन हर 37 सेकंड में एक व्यक्ति शिकार बन रहा है, और हर घंटे 100 लोग इसका शिकार बन रहे हैं।
शाह ने कहा कि सरकार ने साइबर धोखाधड़ी की 361,000 शिकायतों के माध्यम से 8,189 करोड़ रुपये को सुरक्षित करने में सफलता प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि अनुमान के मुताबिक, धोखाधड़ी की कुल राशि लगभग 20,000 करोड़ रुपये थी, जिसमें से एजेंसियों ने 8,189 करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं या पीड़ितों को वापस कर दिए हैं।
गृह मंत्री ने कहा, ‘साइबर सुरक्षा अब आर्थिक सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब यह राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग बन गई है। अगर हमने पर्याप्त कदम नहीं उठाए होते तो साइबर धोखाधड़ी एक राष्ट्रीय संकट बन गई होती।’
शाह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और गृह मंत्रालय की साइबर अपराध रोधी इकाई, आई4सी द्वारा ‘साइबर-आधारित धोखाधड़ी से निपटने और पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने’ पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
उन्होंने राज्य पुलिस से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए साइबर अपराध रिपोर्टिंग कॉल सेंटर 1930 के प्रबंधन के लिए पर्याप्त कर्मी तैनात करने को कहा ताकि इसमें शामिल राशि को बचाया जा सके।
गृह मंत्री ने कहा, ‘यदि किसी पीड़ित के फोन का जवाब कई बार घंटी बजने के बाद भी नहीं मिलता है, तब तक उनका पैसा जा चुका होता है। यह कॉल सेंटर 1930 की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।’
शाह ने कहा कि सभी निजी, सार्वजनिक और सहकारी बैंकों को साइबर अपराधियों द्वारा धन शोधन से निपटने के लिए भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ‘‘म्यूल अकाउंट हंटर सॉफ्टवेयर’’ को तुरंत अपनाना चाहिए।
गृह मंत्री ने कहा कि 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, 181 अरब से अधिक यूपीआई लेन-देन और 57 करोड़ जन धन खातों के साथ, भारत तेजी से साइबर सफल समाज बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘इन लेन-देन को सुरक्षित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’
शाह ने सीबीआई की एक नयी साइबर अपराध शाखा का भी उद्घाटन किया और सीबीआई अधिकारियों को पदक प्रदान करने के अलावा, आई4सी के एक राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र (एस4सी) डैशबोर्ड को भी शुरू किया।
सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद ने कहा कि साइबर अपराध के केंद्र जामताड़ा, मेवात और भरतपुर से कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमा में स्थानांतरित हो गए हैं।
भाषा आशीष नेत्रपाल
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