नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण अब तक भारतीय विमानन कंपनियों ने 4,335 और विदेशी कपंनियों ने 1,187 उड़ानें रद्द की हैं।
नायडू उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब दे रहे थे।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
नायडू ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण अब तक भारतीय विमानन कंपनियों ने 4,335 उड़ानें और विदेशी विमानन कंपनियों ने 1,187 उड़ानें रद्द की हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस संकट के दौरान परिचालन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जब हवाई क्षेत्र बंद है तो उस क्षेत्र में विमानों के परिचालन करने का कोई कारण नहीं है।
नायडू ने कहा कि विमानन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) उन विशिष्ट देशों के नियामकों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।
मंत्री ने कहा, ‘‘जब भी हमें परिचालन के लिए समय उपलब्ध हुआ, हमने परिचालन किया। इस संकट के दौरान भी लगभग 2,19,780 लोगों ने यात्रा की है।’’
नायडू ने कहा कि उनके विभाग और डीजीसीए ने वहां के अधिकारियों के सहयोग से सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया है।
मंत्री ने कहा, ‘‘अब भी कुछ हवाई क्षेत्र बंद हैं, और हम उन्हें सुविधा प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सबसे पहले हवाई क्षेत्र का खुलना आवश्यक है। सुरक्षित यात्रा जरूरी है। उसके बाद ही सामान्य यात्रा संभव हो पाएगी।’’
भाषा अविनाश मनीषा
मनीषा