इजराइल को रक्षा और सैन्य ताकत के रूप में देखते हैं भारत के ‘जेन-ज़ेड’ युवा: सर्वेक्षण

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इजराइल को रक्षा और सैन्य ताकत के रूप में देखते हैं भारत के ‘जेन-ज़ेड’ युवा: सर्वेक्षण

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  • Publish Date - June 10, 2026 / 11:26 AM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 11:26 AM IST

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) भारत के शहरी ‘जेन-जेड’ युवाओं पर किए गए एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि लगभग आधे प्रतिभागी इजराइल को मुख्य रूप से उसकी रक्षा क्षमता और सैन्य ताकत से जोड़कर देखते हैं, जबकि बहुतायत में युवा उसे तकनीकी रूप से उन्नत देश मानते हैं।

‘जेन-जेड’ में 18-29 वर्ष के युवाओं को रखा जाता है।

‘हाउ इंडियाज़ जेन-जेड सीज इजराइल’ शीर्षक वाले इस अध्ययन में 500 युवाओं को शामिल किया गया। सर्वेक्षण उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान समेत हिंदी भाषी राज्यों, दिल्ली-एनसीआर, दक्षिण भारत और पश्चिम भारत के प्रतिभागियों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) समर्थित एक डिजिटल शोध मंच के माध्यम से किया गया। इसमें पुरुष और महिला उत्तरदाताओं की संख्या समान रखी गई।

यह सर्वेक्षण भारत-इजराइल संबंधों पर अकादमिक और नीतिगत अध्ययन करने वाले स्वतंत्र शोध मंच ‘इंडिया इजराइल सेंटर’ द्वारा कराया गया।

हरियाणा स्थित ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर फॉर इजराइल स्टडीज’ के सहयोग से स्थापित ‘इंडिया इजराइल सेंटर’ ने कहा कि पिछले तीन दशकों में भारत-इजराइल साझेदारी के रक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी संबंधी पहलुओं पर व्यापक अकादमिक और नीतिगत अध्ययन हुए हैं, लेकिन जनधारणा से जुड़े पहलुओं की अपेक्षा कम व्यवस्थित पड़ताल की गई है।

अध्ययन के केंद्र में विशेष रूप से वह युवा पीढ़ी रही, जिसका जन्म 1992 में भारत और इजराइल के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद हुआ।

‘इंडिया इजराइल सेंटर’ के अप्रवासी शोधार्थी आकाश गुगलानी ने कहा, “जेन-ज़ेड के लिए भारत-इजराइल संबंध उस दुनिया का सामान्य हिस्सा हैं, जिसमें वे बड़े हुए हैं, लेकिन अब तक किसी ने व्यवस्थित रूप से यह जानने की कोशिश नहीं की थी कि वे इन संबंधों को किस तरह देखते हैं। हम इसी कमी को दूर करना चाहते थे।”

उन्होंने कहा, “निष्कर्ष बताते हैं कि यह पीढ़ी भारत के प्रमुख साझेदार देशों, जैसे इजराइल और रूस, के बारे में स्पष्ट राय रखती है तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का समर्थन करती है।”

सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्षों के अनुसार, 48 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इजराइल को रक्षा और सैन्य ताकत से जोड़ा, जबकि 35 प्रतिशत ने उसे नवाचार और प्रौद्योगिकी से संबंधित बताया। 51 प्रतिशत प्रतिभागियों ने इजराइल को तकनीकी रूप से उन्नत देश माना।

विश्वास से जुड़े चार मानकों — भारत की सुरक्षा चुनौतियों की समझ, उसकी रणनीतिक स्वायत्तता का सम्मान, संकट की स्थिति में साथ खड़े रहने की संभावना और भरोसेमंद साझेदार होने — पर इजराइल को 44 से 47 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त हुए।

हालांकि, ‘‘क्या इजराइल की कार्रवाइयां लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करती हैं’’ संबंधी प्रश्न पर सबसे कम यानी 36 प्रतिशत लोगों ने हामी भरी।

सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 41 प्रतिशत उत्तरदाता भारत-इजराइल संबंधों को और मजबूत करने के पक्ष में हैं, जबकि 20 प्रतिशत ने अधिक सतर्क दृष्टिकोण या सीमित सहभागिता को प्राथमिकता दी।

‘‘वर्तमान समय में भारत के लिए सबसे अधिक सहायक देश’’ संबंधी प्रश्न पर 52 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने रूस को पहले स्थान पर रखा। इसके बाद अमेरिका को 22 प्रतिशत और इजराइल को 14 प्रतिशत समर्थन मिला।

‘इंडिया इजराइल सेंटर’ ने कहा कि ये निष्कर्ष ऐसी पीढ़ी की सोच को दर्शाते हैं, जिसके लिए भारत-इजराइल साझेदारी देश की विदेश नीति का एक स्थापित और परिचित हिस्सा रही है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव

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