बेंगलुरु, 28 जून (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भारत के पास समग्र और एकीकृत दृष्टि है, जिसमें दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान निहित है।
उन्होंने कहा कि दुनिया को पूर्णता प्रदान करना भारत की भूमिका है।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय शिक्षण मंडल की ओर से ‘आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर’ में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि विश्व के सभी प्राणियों के कल्याण के लिए भारत की बात सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ दुनिया को पूर्णता प्रदान करने के लिए हमारी समग्र दृष्टि के आधार पर विश्व के सभी प्राणियों के कल्याण के लिए भारत की बात सुनी जानी चाहिए। यह अपरिहार्य है।’’
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक ढांचे केवल आंशिक दृष्टिकोण ही पेश करते हैं और समय की चुनौतियों का पूरी तरह से समाधान नहीं कर सकते।
भागवत ने इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल (बीएसएम) की नई वेबसाइट की शुरुआत की।
विज्ञप्ति के अनुसार, देशभर से आए करीब 380 प्रतिनिधियों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन शुक्रवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने किया था।
भाषा
राखी राजकुमार
राजकुमार