इंद्रजीत मंडल की हत्या ‘लिंचिंग’ नहीं, पहचान सुनिश्चित करने के बाद मारा : शुभेंदु अधिकारी
इंद्रजीत मंडल की हत्या ‘लिंचिंग’ नहीं, पहचान सुनिश्चित करने के बाद मारा : शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता, 11 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 11 वर्षीय लड़की का शव बरामद होने के बाद इंद्रजीत मंडल की हत्या को शनिवार को ‘लिंचिंग’ (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) मानने से इनकार करते हुए कहा कि ‘‘हत्या’’ से पहले मंडल की पहचान सुनिश्चित कर ली गई थी।
संबंधित मामले में दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी गई थी और शव को बोरे में भरकर एक तालाब में फेंक दिया गया था। बच्ची का शव बरामद होने के कुछ घंटे बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने उसकी मौत में शामिल होने के संदेह में मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
मुख्यमंत्री यह भी आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में तालाब से शव मिलने के बाद भड़की हिंसा में कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतों या चुनाव में जनता द्वारा नकारे गए लोगों का हाथ हो सकता है।
शुभेंदु अधिकारी ने पीट-पीटकर मारे गए व्यक्ति के परिजन को नौकरी का नियुक्ति पत्र और 25 लाख रुपये का चेक सौंपने के बाद यह टिप्पणी की। इससे पहले उन्होंने मृतक बच्ची के माता-पिता से उनके घर पर मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने इससे पहले कहा था कि ऑटो रिक्शा चालक मंडल निर्दोष था और उसकी पीट-पीटकर हत्या करने में शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘इंद्रजीत की मौत भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने के कारण नहीं हुई। उसकी हत्या से पहले उसकी पहचान सुनिश्चित कर ली गई थी।’’
शुभेंदु ने कहा कि मंडल के बड़े भाई को नागरिक स्वयंसेवक के पद का नियुक्ति पत्र और उसके माता-पिता को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हो सकता है कि चुनाव में जनता द्वारा नकारे गए लोगों ने हिंसा भड़काई हो। इसके अलावा, मैं कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतों की मौजूदगी की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहा हूं। जांच से सच्चाई सामने आएगी और इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि तस्वीरों या वीडियो फुटेज में जिन लोगों की पहचान की जा सकी है, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
इंद्रजीत मंडल के बड़े भाई बापी मंडल ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हमें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने मुझे नियुक्ति पत्र दिया और नौकरी करने को कहा। यह बारुईपुर पुलिस जिले में नागरिक स्वयंसेवक के पद पर नियुक्ति का पत्र है।’’
वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने नाबालिग लड़की के परिवार से मुलाकात करने के बाद कहा कि पुलिस ने दर्ज शिकायत पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, ‘‘परिवार ने अपनी शिकायत में चार लोगों के नाम बताए थे और उन चारों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी।’’
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के दौरे के दौरान बारुईपुर पुलिस जिले के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सुर्ज्यपुर में एक नयी ग्रामीण पुलिस चौकी का उद्घाटन किया।
चार जुलाई को लापता हुई लड़की का शव अगले दिन सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरे में मिला था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बारुईपुर-जयनगर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की।
गत रविवार को बच्ची का शव बरामद होने के कुछ घंटे बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने उसकी मौत में शामिल होने के संदेह में इंद्रजीत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन चार आरोपियों में से प्रभास मंडल मंगलवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, अपराध स्थल पर घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए उसे मौके पर ले जाया गया था, जहां उसने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी की बंदूक छीनने की कोशिश की थी।
लड़की का शव मिलने के बाद हुई तोड़फोड़ में शामिल होने के आरोप में पुलिस अब तक 35 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
भाषा गोला नेत्रपाल
नेत्रपाल

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