पंजाब: बघेल ने चन्नी खेमे के नेताओं से मुलाकात की, मुद्दे आलाकमान तक पहुंचाने का आश्वासन दिया

पंजाब: बघेल ने चन्नी खेमे के नेताओं से मुलाकात की, मुद्दे आलाकमान तक पहुंचाने का आश्वासन दिया

पंजाब: बघेल ने चन्नी खेमे के नेताओं से मुलाकात की, मुद्दे आलाकमान तक पहुंचाने का आश्वासन दिया
Modified Date: July 11, 2026 / 04:07 pm IST
Published Date: July 11, 2026 4:07 pm IST

चंडीगढ़, 11 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव एवं पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने जालंधर से सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी माने जाने वाले पार्टी नेताओं के साथ शनिवार को बैठक की।

बघेल ने कहा कि नेताओं ने उनके सामने कुछ मुद्दे रखे हैं, जिन्हें वह पार्टी आलाकमान तक पहुंचाएंगे।

चन्नी भी इस बैठक में शामिल हुए। बैठक कांग्रेस की पंजाब इकाई के वरिष्ठ नेता एवं विधायक राणा गुरजीत सिंह के सेक्टर-चार स्थित आवास पर हुई।

बघेल दोपहर करीब सवा 12 बजे राणा गुरजीत के आवास पर पहुंचे। वडिंग बैठक में शामिल नहीं हुए।

कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की थी कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे और जालंधर से सांसद चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से ‘‘नाराज’’ बताए जा रहे चन्नी ने अब तक बघेल से मुलाकात नहीं की थी। बघेल सोमवार को पंजाब पहुंचे थे और इसके बाद उन्होंने राज्य के कई नेताओं एवं पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं। चन्नी के करीबी कई नेता भी इन बैठकों से दूर रहे थे।

शनिवार को करीब 80 मिनट चली बैठक के तुरंत बाद बघेल रायपुर लौटने के लिए रवाना हो गए। हवाई अड्डे जाते समय वडिंग भी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के साथ थे और उन्होंने स्वयं कार चलाई।

बघेल ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सोमवार को पंजाब पहुंचने के बाद उन्होंने कई नेताओं के साथ बैठकें कीं और अनेक नेताओं ने उन्हें अपने आवास पर आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि पंजाब में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस सिलसिले में कई संबंधित समितियों के साथ भी बैठकें की गईं।

चन्नी खेमे के साथ बैठक के बारे में बघेल ने कहा, ‘‘हमने सभी साथियों से बातचीत की। उन्होंने अपनी बात रखी। पार्टी आलाकमान के फैसले पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है और सभी आलाकमान के साथ हैं। हमारे साथियों ने कुछ बातें रखी हैं और प्रभारी महासचिव के रूप में मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि सभी के हितों का ध्यान रखा जाएगा।’’

बघेल ने कहा कि उन्होंने नेताओं को आश्वासन दिया है कि यदि कोई उम्मीदवार चुनाव जीतने की स्थिति में होगा, तो उसे निश्चित रूप से टिकट दिया जाएगा।

उन्होंने विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा, ‘‘कुछ साथियों ने मेरे सामने कुछ मुद्दे रखे हैं, जिन्हें मैं आलाकमान तक पहुंचाऊंगा।’’

चन्नी ने राणा गुरजीत के आवास में प्रवेश करने से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम बैठक में शामिल होने और सभी से बात करने जा रहे हैं। इसके बाद आपको जानकारी देंगे।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें वडिंग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में स्वीकार हैं, चन्नी ने कहा कि सभी मुद्दों पर बैठक में चर्चा होगी।

जब उनसे कहा गया कि उनके कई समर्थकों ने वडिंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं करने की बात कही है, तो चन्नी ने कहा, ‘‘पहले चर्चा कर लेने दीजिए। आपको शुरू से ही हमारा रुख पता है।’’

उन्होंने रहस्यमय अंदाज में कहा, ‘‘बाकी तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे।’’

वडिंग शनिवार को बघेल के साथ हुई बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में उनकी गैर-मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर वडिंग ने एक अन्य स्थान पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘पार्टी के प्रभारी महासचिव सभी से मिलते हैं। यह जरूरी नहीं है कि सभी बैठकें प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में ही हों।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस की प्रदेश इकाई में जल्द एकजुटता देखने को मिलेगी, वडिंग ने कहा, ‘‘यह बैठक इसी बारे में है।’’

चन्नी के अलावा वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा, भारत भूषण आशु, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और कई अन्य नेता राणा गुरजीत के आवास पर पहुंचे।

राणा गुरजीत सिंह के आमंत्रण पर नेता प्रतिपक्ष एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ. पी. सिंह भी बैठक में मौजूद रहे।

पंजाब में कांग्रेस के कई मौजूदा विधायक, कुछ सांसद, पूर्व सांसद एवं विधायक तथा विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के नेता सुबह राणा गुरजीत के आवास पर पहुंचे।

चन्नी खेमे के शक्ति प्रदर्शन का संकेत देते हुए पार्टी नेता बरिंदर ढिल्लों ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे एक ऐसे नेता का नाम बताइए, जो आज यहां नहीं है। पूरी कांग्रेस यहां मौजूद है।’’

पूर्व मंत्री गुरप्रीत कांगड़ ने कहा कि यह बैठक विशेष रूप से इस बात पर चर्चा करने के लिए हो रही है कि वडिंग का नेतृत्व नेताओं को स्वीकार है या नहीं।

बघेल कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेतृत्व में किसी भी बदलाव की संभावना से पहले ही इनकार कर चुके हैं।

भाषा

सिम्मी दिलीप

दिलीप


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