केवाईसी अपडेट के बहाने ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

केवाईसी अपडेट के बहाने ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

केवाईसी अपडेट के बहाने ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
Modified Date: January 24, 2026 / 03:04 pm IST
Published Date: January 24, 2026 3:04 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) बैंक ग्राहकों से उनके केवाईसी विवरण अपडेट करने के बहाने कथित तौर पर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पुलिस ने इस सिलसिले में झारखंड और पश्चिम बंगाल से चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शिव कुमार रविदास (22), संजय रविदास (33), दिनेश रविदास (29) और शुभम कुमार बरनवाल (25) के रूप में हुई है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘गिरोह के सदस्य बैंक अधिकारी बनकर पीड़ितों को तुरंत केवाईसी अपडेट करने के लिए दबाव बनाते थे। वे कथित तौर पर पीड़ितों को फोन करते थे और उन्हें झांसा देकर उनके मोबाइल फोन पर एक खतरनाक एपीके फाइल इंस्टॉल करवाते थे।’

उन्होंने बताया, ‘इससे वह पीड़ितों के बैंक एप्लिकेशन और उनके व्यक्तिगत वित्तीय डेटा तक अनधिकृत रूप से दूर बैठे ही पहुंच हासिल कर लेते थे।’

पुलिस ने बताया कि इस तरह से आरोपियों ने पीड़ितों के बैंक संबंधित जानकारियों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी से ऋण लिया और उन पैसे को ‘म्यूल खातों’ की मदद से हस्तांतरित किया तथा बाद में वे इन पैसों को विभन्न बैंक माध्यमों से निकालते थे।

‘म्यूल’ खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं जिसका इस्तेमाल अपराधी, खाताधारक की जानकारी से या जानकारी के बगैर, अवैध धन प्राप्त करने, धन अंतरित करने या उसे वैध बनाने के लिए करते हैं।

पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी का यह मामला दिल्ली के सागरपुर निवासी एक महिला की शिकायत दर्ज कराने के बाद सामने आया। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दिसंबर (2025) में अज्ञात व्यक्तियों ने बैंक अधिकारी बनकर उससे संपर्क किया था।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता को भी एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के लिए बहकाया गया। इसके तुरंत बाद, उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से 8.33 लाख रुपये का ऋण मंजूर होने और फिर दो किस्तों में पांच लाख तथा 3.3 लाख रुपये के अनधिकृत लेनदेन के संदेश प्राप्त हुए। हालांकि, महिला ने इन लेनदेन के लिए अनुमति नहीं दी।’

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी झारखंड के जामतारा के पास के इलाकों से इस साइबर नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। उनके अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच अपना ठिकाना बदल रहे थे।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समन्वित छापेमारी के दौरान झारखंड के धनबाद जिले के निरसा इलाके से तीन आरोपियों को उस समय रंगे हाथों पकड़ा गया, जब वे कथित तौर पर पीड़ितों को फोन कर ठगी की कोशिश कर रहे थे।

अधिकारी ने बताया कि गिरोह के चौथे सदस्य को पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार किया गया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एटीएम से पैसे निकालते समय पहने गए कपड़े और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

भाषा

प्रचेता प्रशांत

प्रशांत


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