दिल्ली में अंतरराज्यीय ‘म्यूल’ खाता गिरोह का भंडाफोड़; पहाड़गंज से चार गिरफ्तार

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दिल्ली में अंतरराज्यीय ‘म्यूल’ खाता गिरोह का भंडाफोड़; पहाड़गंज से चार गिरफ्तार

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 02:55 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 02:55 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों को म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पहाड़गंज इलाके से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी संजय (30) और कुलदीप गोले (32), हरियाणा में सोनीपत के रहने वाले 24 वर्षीय निर्दोष बिड़लान और राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी 20 वर्षीय दीपक बिश्नोई के तौर पर हुई है।

मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि इस गिरह ने ‘म्यूल” खातों का इंतज़ाम करके ऑनलाइन धोखाधड़ी में अहम भूमिका निभाई। ये खाते फर्जी कंपनियों या लोगों को भर्ती कर उनके नाम पर खोले गए थे और साइबर अपराधियों ने निवेश योजना व नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के साथ-साथ ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे हथकंडों से लोगों के साथ धोखाधड़ी कर उनका पैसा इन खातों में लिया और फिर उस रकम को इधर-उधर कर दिया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने पहाड़गंज के एक होटल में छापा मार कर चार आरोपियों को पकड़ा और इस बाबत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

उनके मुताबिक, पूछताछ के दौरान पता चला कि यह गिरोह व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा था जिसमें बाहरी संचालक, स्थानीय समन्वयक और अंतिम उपयोगकर्ताओं का नेटवर्क शामिल है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाहरी संचालकों ने कथित तौर पर किराये के जाली समझौतों का उपयोग करके फर्जी साझेदारी में कंपनियां बनाईं और उनके नाम पर वाणिज्यिक चालू खाते खोले।

उनके अनुसार, चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड सहित ये बैंकिंग किट दिल्ली भेजी जाती थीं, जहां स्थानीय संचालक उनकी व्यवस्था संभालते थे तथा ‘पॉइंट-ऑफ-सेल’ (पीओएस) मशीनों और मर्चेंट यूपीआई क्यूआर कोड का इस्तेमाल करके अवैध रूप से प्राप्त धन को वैध व्यावसायिक लेन-देन के रूप में दिखाते थे।

जांचकर्ताओं ने बताया कि खाता धारक को लगभग आठ प्रतिशत कमीशन कथित रूप से दिया गया, जबकि बिचौलियों ने अतिरिक्त दो से चार प्रतिशत का कमीशन पाया।

छापेमारी के दौरान, पुलिस ने एक चालू बैंक पीओएस मशीन, मर्चेंट यूपीआई क्यूआर कोड स्कैनर, व्यावसायिक चालू खाते से जुड़ी पांच चेक बुक और पासबुक, छह डेबिट कार्ड, तीन मूल साझेदार समझौते, कॉर्पोरेट स्टैम्प, पैन कार्ड, संपत्ति को किराए पर देने से जुड़े व्यावसायिक किराए समझौते और चार मोबाइल फोन बरामद किए जिनमें बैंकिंग से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं।

डीसीपी ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि जब्त किए गए बैंक खाते राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज साइबर धोखाधड़ी की कई शिकायतों से जुड़े हैं, जिनमें कर्नाटक और महाराष्ट्र से रिपोर्ट किए गए मामले भी शामिल हैं।

भाषा नोमान नोमान मनीषा

मनीषा